
मुंबई, यश भारत
मुंबई के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ (आरओसी) ने सीक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट समय पर दाखिल न करने के मामले में एवोनिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 454 के तहत की गई है। इस संबंध में आरओसी मुंबई ने 23 जनवरी 2026 को आदेश पारित किया।
आरओसी के अनुसार, कंपनी ने कंपनी अधिनियम की धारा 204(4) का उल्लंघन किया है। इस धारा के तहत सूचीबद्ध कंपनियों और निर्धारित श्रेणी की कंपनियों के लिए यह अनिवार्य है कि वे अपने बोर्ड की रिपोर्ट के साथ सीक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट संलग्न करें। यह रिपोर्ट एक प्रैक्टिसिंग कंपनी सेक्रेटरी द्वारा तैयार की जाती है और इसके लिए कंपनी को अपने सभी रिकॉर्ड तक पूर्ण पहुंच उपलब्ध करानी होती है।
मामले में कंपनी ने स्वयं 19 दिसंबर 2025 को धारा 454 सहपठित धारा 204 के तहत एक स्वैच्छिक आवेदन दायर कर अपनी चूक को स्वीकार किया था। कंपनी ने माना कि उसने निर्धारित समयसीमा के भीतर सीक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट प्राप्त और दाखिल नहीं की।
कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 के लिए उसके वित्तीय विवरणों को 29 सितंबर 2022 को आयोजित वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में बोर्ड और शेयरधारकों द्वारा मंजूरी दी गई थी। हालांकि, संबंधित सीक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट काफी देरी से 29 मार्च 2023 को प्राप्त की गई। इसके बाद कंपनी ने 30 मार्च 2023 को ई-फॉर्म एओसी के माध्यम से वित्तीय विवरण दाखिल किए।
आरओसी मुंबई ने इस देरी को कंपनी अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए एवोनिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाया है और कंपनियों को नियामकीय प्रावधानों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी है।







