
यात्री ध्यान दें.आरछित कोच में बिना पहचान पत्र के लगेगा जुर्माना
अनधिकृत यात्रा व आरक्षण के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया सख्त कदम
जबलपुर यशभारत। रेल यात्रियों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण खबर सामने आई है जिसमें आरक्षित कोच में अब एक पीएनआर किसी एक व्यक्ति का पहचान पत्र होना बहुत जरूरी है यदि टिकट निरीक्षक द्वारा पहचान पत्र मांगने पर नहीं बताया गया तो बिना टिकट जुर्माना वसूला जाएगा।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार रेलवे बोर्ड ने नए निर्देश जारी किए हैं जिनके अनुसार आरक्षित श्रेणी (स्लीपर, एसी 3-टियर, एसी 2-टियर, एसी फर्स्ट क्लास आदि) में यात्रा करने वाले किसी भी PNR पर कम से कम एक यात्री के पास मूल पहचान पत्र होना अनिवार्य है यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी आरक्षित कोच में यह पाया गया कि PNR पर दर्ज यात्रियों में से कोई भी एक व्यक्ति मूल आईडी नहीं दिखा पाया, तो उस पूरे PNR के सभी यात्रियों को बिना टिकट यात्री माना जाएगा। ऐसी स्थिति में पूरा समूह जुर्माने और दंडात्मक शुल्क के दायरे में आ जाएगा-चाहे बाकी यात्रियों के पास वैध टिकट और आईडी हो।
यह है मान्य मूल पहचान पत्रों की सूची
रेलवे बोर्ड के मुताबिक यात्री का
आधार कार्ड.
मतदाता पहचान पत्र.
पासपोर्ट.
ड्राइविंग लाइसेंस.
पैन कार्ड एवं फोटोयुक्त राशन कार्ड होना बहुत जरूरी है
केंद्र/राज्य सरकार द्वारा जारी फोटोयुक्त पहचान पत्र
छात्रों के लिए स्कूल/कॉलेज द्वारा जारी फोटोयुक्त आईडी कार्ड (वर्तमान सत्र का)
रेलवे द्वारा जारी सीनियर सिटीजन/दिव्यांग/आयुष्मान भारत कार्ड आदि होना अनिवार्य है। जानकारी के मुताबिक फोटोकॉपी, स्क्रीनशॉट, डिजिटल कॉपी या मोबाइल में सेव की गई इमेज मान्य नहीं होगी। मूल दस्तावेज ही स्वीकार किया जाएगा।
इसलिए उठाया गया सख्त कदम
इस संबंध में रेलवे बोर्ड का कहना है कि यह कदम फर्जी टिकट, अनधिकृत यात्रा और आरक्षण के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है। पिछले कुछ वर्षों में कई मामलों में देखा गया कि एक ही PNR पर कई लोग यात्रा करते हैं, लेकिन किसी के पास आईडी नहीं होती। इससे सुरक्षा और टिकट चेकिंग में दिक्कत आती थी। नया नियम पूरे PNR को जिम्मेदार बनाता है ताकि यात्रा करने से पहले सभी सदस्य आईडी की व्यवस्था करें।
यह रहेगा जुर्माना और दंडात्मक शुल्क
यदि पूरा PNR बिना टिकट माना गया तो स्लीपर क्लास का न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये + किराए का 3 गुना दंडात्मक शुल्क।इसी तरह से AC क्लास- न्यूनतम जुर्माना 440 रुपये + किराए का 3 गुना दंडात्मक शुल्क।गंभीर मामलों में रेलवे एक्ट की धारा 138 के तहत कार्रवाई भी हो सकती है।
यह नया नियम पूरा PNR का जिम्मदार बनाता है ताकि यात्रा करने से पहले सभी सदस्य आईडी की व्यवस्था करें।






