सनातन परंपराओं पर प्रहार कर रही भाजपा सरकार, शंकराचार्य का अपमान बर्दाश्त नहीं: जीतू पटवारी

सनातन परंपराओं पर प्रहार कर रही भाजपा सरकार, शंकराचार्य का अपमान बर्दाश्त नहीं: जीतू पटवारी
रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस का उपवास और धरना; पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के नेतृत्व में जुटे दिग्गज।
शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोकने और मणिकर्णिका घाट पर कार्रवाई का उठाया मुद्दा।
भोपाल, यशभारत। राजधानी के रोशनपुरा चौराहे पर शनिवार को कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस उपवास और धरने में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) जीतू पटवारी विशेष रूप से शामिल हुए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हिंदू हितों की बात करने वाली भाजपा सरकार के शासन में सनातन परंपराओं, साधु-संतों और धार्मिक आस्थाओं पर लगातार हमले हो रहे हैं।
धरना स्थल को संबोधित करते हुए पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा में जगतगुरु शंकराचार्य का स्थान सर्वोच्च और स्वतः सिद्ध है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज उनसे प्रमाण पत्र मांगे जा रहे हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी और योगी सरकार के दौरान जगतगुरु को गंगा स्नान से रोका गया, जो न केवल परंपराओं का उल्लंघन है बल्कि घोर दुस्साहस भी है। पटवारी ने सवाल किया, जिस देश में विविधता ही ताकत है, वहां शंकराचार्य के साथ ऐसा व्यवहार क्यों?
यह आस्था का अपमान है, राजनीति नहीं
पटवारी ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन कोई राजनीतिक स्टंट नहीं बल्कि भारत की अस्मिता और सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने साधु-संतों और बटुकों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ की गई शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के दृश्य विचलित करने वाले हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता के नशे में चूर दोषियों को भले ही अभी सजा न मिले, लेकिन ईश्वरीय न्याय और उनके कर्मों का फल उन्हें भुगतना ही पड़ेगा।
काशी और धार्मिक स्थलों का मुद्दा गरमाया
प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और अन्य नेताओं ने काशी के मणिकर्णिका घाट जैसे पवित्र स्थलों को तोड़े जाने के प्रयासों की कड़ी निंदा की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म का उपयोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए करती है, लेकिन अब उसका असली चेहरा जनता के सामने बेनकाब हो रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और सनातन प्रेमी उपस्थित रहे, जिन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।







