विकास की बलि चढ़ेंगे 150 ऑक्सीजन स्तंभ, विरोध में आज पेड़ों से चिपकेंगे पर्यावरणविद्

विकास की बलि चढ़ेंगे 150 ऑक्सीजन स्तंभ, विरोध में आज पेड़ों से चिपकेंगे पर्यावरणविद्
करोड़ों के खाद्य भवन के लिए एमपी नगर में 50 साल पुराने पेड़ों पर चलेगी कुल्हाड़ी
वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के फैसले के खिलाफ कर्मचारी भी लामबंद
भोपाल, यशभारत। राजधानी के अयोध्या बायपास और रत्नागिरी में हरियाली उजाड़ने के बाद अब शहर के फेफड़े कहे जाने वाले एमपी नगर में पर्यावरण पर प्रहार की तैयारी है। यहाँ प्रस्तावित नए ‘खाद्य भवन’ के निर्माण के लिए लगभग 150 पेड़ों को काटने का प्रस्ताव है, जिनमें से अधिकांश 50 साल से अधिक पुराने हैं। इस फैसले के विरोध में आज (गुरुवार) पर्यावरण प्रेमी और खुद सरकारी कर्मचारी चिपको आंदोलन कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
फिजूलखर्ची पर सवाल: जब भवन हैं, तो 100 करोड़ का नया कॉम्प्लेक्स क्यों?
हैरानी की बात यह है कि वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन, खाद्य संचालनालय और नाप-तौल विभाग के पास पहले से ही अपने सुसज्जित भवन हैं। केवल नागरिक आपूर्ति निगम (नान) फिलहाल किराए के दफ्तर में संचालित हो रहा है। इसके बावजूद, नाप-तौल नियंत्रक कार्यालय की जमीन पर 6 मंजिला भव्य इमारत बनाने का प्रस्ताव है। भवन निर्माण के लिए 64 करोड़ का प्रस्ताव है, जो साज-सज्जा और अन्य सुविधाओं के साथ 100 करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान है। प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित दफ्तरों को एक छत के नीचे लाने से कार्यक्षमता बढ़ेगी।
कंक्रीट के जंगल में तब्दील होगा एमपी नगर
पर्यावरणविदों का कहना है कि एमपी नगर पहले से ही भोपाल का सबसे व्यस्त और कंक्रीट से भरा क्षेत्र है। यहाँ लगे ये 150 पेड़ न केवल तापमान को नियंत्रित करते हैं, बल्कि प्रदूषण को भी सोखते हैं। इतने पुराने पेड़ों को काटना शहर के पर्यावरण के साथ खिलवाड़ है।







