कटनीमध्य प्रदेश

फर्जी गरीबों पर सरकार की टेढ़ी नजर…, अपात्र होने के बाद भी राशन ले रहे परिवारों को किया जा रहा चिन्हित, किसान सम्मान निधि व एक हेक्टेयर से ज्यादा जमीन होने पर रद्द हो रहे बीपीएल कार्ड, सरकार ने लागू किया नया सिस्टम

कटनी, यशभारत। अपात्र होने के बाद भी फर्जी गरीब बनकर शासन की विभिन्न योजनाओं के साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मुफ्त राशन लेने वाले लोगों को अब सरकार चिन्हित कर रही दी है। जांच के बाद बड़ी संख्या मेंं ऐसे अपात्रों को बीपीएल की सूची से बाहर कर दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक केन्द्र सरकार द्वारा की गई जांच में यह सामने आया था कि कटनी सहित प्रदेश में बड़ी संख्या में पीडीएस का लाभ अपात्र लोग ले रहे हैं। इसको रोकने के लिए बीपीएल कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को सख्त करते हुए तीन अलग-अलग केटेगरी तय कर दी गई है। इस केटेगरी से बाहर आने पर फर्जी गरीबों को अपात्र कर दिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि व एक हेक्टेयर से ज्यादा जमीन वाले लोगों का बीपीएल कार्ड नहीं बनेगा। प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी में बताया गया है कि मध्यप्रदेश में बीपीएल कार्ड के माध्यम से फर्जी लाभार्थियों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने नया सिस्टम लागू कर दिया है। इसके तहत समग्र आईडी व पीएम किसान सम्मान निधि के डेटा को आपस में लिंक कर दिया गया है। जिससे बीपीएल का आवेदन स्वत: निरस्त हो जाएगा। नए सिस्टम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले लोग जैसे ही बीपीएल कार्ड के लिए आवेदन करेंगे, वैसे ही सिस्टम इसकी जानकारी दे देगा। नई तकनीकी व्यवस्था बता देगी कि उसके पास एक हेक्टेयर से ज्यादा जमीन है। ऐसे में संबंधित व्यक्ति को बीपीएल कार्ड नहीं मिल सकेगा। बीपीएल का उसका आवेदन स्वत: निरस्त हो जाएगा।
कटनी में भी बड़ी संख्या में फर्जी बीपीएल कार्ड धारी
कटनी सहित पूरे प्रदेश की बात करें तो बड़ी संख्या में फर्जी बीपीएल गरीबी की रेखा से नीचे कार्डधारी हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली पीडीएस सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपात्र लोगों ने गरीबों के हक पर डाका डालकर कार्ड बनवा रखे हैं। जिसके चलते सरकार ने करीब 20 लाख लोगों को हटाया है, इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग पीडीएस के दायरे में हैं। इनमें बड़ी संख्या में अपात्र हैं, जिनके नाम हटाने के लिए अब कवायद की जा रही है। इससे फर्जी लोगों के बीपीएल कार्ड रद्द हो जाएंगे।
समग्र आईडी से पीएम किसान सम्मान निधि के डेटा को
अधिकारियों ने बताया कि कटनी में बड़ी संख्या में लोग को पीडीएस के तहत फ्री या रियायती राशन प्राप्त कर रहे हैं। केवाईसी के बाद ऐसे लोगों के नाम हटाने के बाद भी कई अपात्र इसका लाभ ले रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार ने अब समग्र आईडी को पीएम किसान सम्मान निधि के डेटा से जोड़ दिया है। अब जिस परिवार के मुखिया के नाम पर 1 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन होगीए उस घर का कोई अन्य सदस्य भी बीपीएल सूची में शामिल नहीं हो सकेगा।
इनका कहना है
गरीबी रेखी की सूची से अपात्र लोगों के नाम हटाने के लगातार कार्रवाई चल रही है। अपात्रों को चिन्हित करने के लिए अलग-अलग केटेगरी भी बनाई गई है। जिसके आधार पर जांच की जा रही है। अभी बहुत लोगों के नाम हटाए जा चुके हैं और कई लोगों के नाम आगे भी हटाए जांएगे।
-सज्जन सिंह परिहार, जिला आपूर्ति अधिकारी

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