अब 490 मीटर टनल ही बकाया, 17 साल पुरानी बरगी व्यपवर्तन परियोजना का निर्माण अंतिम दौर में, खेतों में अब हो सकेगी पर्याप्त सिंचाई
यशभारत खास

कटनी, यशभारत। बरगी व्यपवर्तन परियोजना के तहत स्लीमनाबाद क्षेत्र में करीब 17 साल से निर्माणाधीन देश की सबसे लंबी करीब 12 किलोमीटर टनल निर्माण का कार्य अब बहुत कम शेष बचा है। आगामी कुछ दिनों में यह कार्य पूरा होने के दावे किये जा रहे हैं। स्लीमनाबाद अंडरग्राउंड टनल नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा बन रही है जो बरगी डायवर्जन परियोजना का हिस्सा है। टनल निर्माण का मुख्य उद्देश्य जबलपुर, कटनी, रीवा और अन्य जिलों में सिंचाई व पेयजल उपलब्ध कराना है। स्लीमनाबाद में टनल निर्माण के दौरान बीच बीच में कई बाधाएं आई, जिससे कार्य बाधित हुआ और बहुत लंबा समय गुजर गया। लेकिन अब यह लगभग पूर्णत: की ओर है। जनवरी के आखिर तक पूरी होने की उम्मीद है।
2011 में होना था टनल का काम
जानकारी के अनुसार योजना के तहत 2008 में कार्य शुरु किया गया था। इस कार्य को 2011 में पूरा किया जाना था, लेकिन अबतक नहीं हुआ। बरहालए टीबीएम मशीन तेजी से खुदाई कर रही है, जिससे इसके जनवरी 2026 तक पूरा होने की संभावना है। 2008 में टनल के निर्माण का काम शुरु हुआ तब इसका टेंडर 799 करोड़ रुपए था। लागत अब डेढ़ गुना से भी अधिक बढक़र 1300 करोड़ से अधिक पहुंच गई। पिछले दिनों कलेक्टर आशीष तिवारी ने भी यशभारत से खास बातचीत में कहा था टनल निर्माण का कार्य पूर्णता: की ओर है। बहुत जल्द तीन जिलों को पानी की समस्या से राहत मिलेगी। परियोजना का मुख्य उद्देश्य बरगी बांध से नर्मदा जल को कटनीए रीवा और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचाना, जिससे सिंचाई और पेयजल की सुविधा मिले। बरगी व्यपवर्तन परियोजना के तहत जबलपुर से सतना जिले तक नर्मदा जल पहुंचेगा, जिसके लिए स्लीमनाबाद में चल रहे अंडर ग्राउंड टनल का कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। गक्त दिनों सतना सांसद गणेश सिंह ने स्लीमनाबाद पहुंचकर स्थल निरीक्षण किया और टनल निर्माण कार्य के संबंध में जानकारी ली। एनवीडीए के जीएम गेन्द्रज सिंह ने जानकारी दी कि टनल निर्माण में अब केवल 490 मीटर का कार्य शेष रह गया है।
अधिकारियों का दावा
अधिकारियों का दावा है कि अप स्ट्रीम मशीन के माध्यम से टनल निर्माण तेजी से किया जा रहा है और अब परियोजना अपने निर्णायक चरण में है। टनल पूर्ण होते ही बरगी नहर परियोजना से कटनी जिले को खास कर विजयराघवगढ़ सतना और मैहर जिले के किसानों को सिंचाई का सीधा लाभ मिलेगा। क्षेत्रीय ग्रामीणों के सुरक्षा सबंधी शिकायत पर कार्यपालन यंत्री सहज श्रीवास्तव ने बताया की क्षेत्र में निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया और किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई। परियोजना में जनसुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। स्लीमनाबाद बस्ती के समीप पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग के पास चल रहे इस कार्य की समीक्षा करते हुए सांसद ने निर्माण एजेंसी पटेल इंजीनियरिंग एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि 31 जनवरी तक शेष 490 मीटर कार्य हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुआ। समय सीमा के साथ.साथ कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इनका कहना है
बहुप्रतीक्षित नर्मदा नहर टनल योजना जनवरी के आखिरी तक पूरी होने संभावना है, इसमे तेजी से कार्य चल रहा है। मैने भी कार्य की प्रगति की रिपोर्ट ली है। इससे रीवा, सतना, सहित खासकर कटनी जिले व विजयराघवगढ़ को पानी मिल सकेगा, जिससे इन क्षेत्रों में पानी की समस्या हल हो सकेंगी।
आशीष तिवारी, कलेक्टर






