जबलपुर मटर मंडी में फिर शुरू हुई टैक्स चोरी
नई तरकीब से लगाया जा रहा राजस्व को चूना

जबलपुर, यश भारत। जबलपुर की मटर मंडी में मंडी टैक्स चोरी का मामला एक बार फिर सामने आ रहा है। पूर्व में यश भारत द्वारा टैक्स चोरी को लेकर प्रकाशित समाचारों के बाद प्रशासन हरकत में आया था और कुछ समय तक मंडी से बाहर जाने वाली सभी गाड़ियों की पर्ची काटकर नियमानुसार मंडी टैक्स वसूला जा रहा था। उस दौरान सख्ती के चलते टैक्स चोरी पर आंशिक रूप से रोक भी लगी थी, लेकिन अब स्थिति फिर पुराने ढर्रे पर लौटती नजर आ रही है।
काम बता रहे संख्या
जानकारी के अनुसार व्यापारियों ने टैक्स चोरी का नया तरीका निकाल लिया है। नियमों के तहत मंडी से बाहर जाने वाली प्रत्येक बोरी पर 20 रुपए मंडी टैक्स देय है, लेकिन अब व्यापारी गाड़ियों में लदी वास्तविक संख्या से कम बोरियों का उल्लेख पर्ची में करवा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर यदि किसी ट्रक में 200 बोरियां लदी हैं, तो पर्ची में केवल 100 बोरियां दर्शाकर आधा टैक्स ही चुकाया जा रहा है। रिकॉर्ड में गाड़ी की पर्ची कट जाती है, जिससे औपचारिकता पूरी हो जाती है, लेकिन वास्तविकता में मंडी टैक्स की बड़ी चोरी हो रही है।
कर्मचारियों को है जानकारी
सबसे गंभीर बात यह है कि मंडी गेट पर तैनात कर्मचारियों को हर वाहन की क्षमता की पूरी जानकारी होती है। उन्हें भली-भांति पता होता है कि किस प्रकार की गाड़ी में कितनी बोरियां आ सकती हैं, इसके बावजूद इस गड़बड़ी पर आंखें मूंदी जा रही हैं। अधिकारी केवल गाड़ियों की संख्या देखकर सख्ती का दावा कर रहे हैं, जबकि टैक्स चोरी गाड़ियों की पर्ची के भीतर ही की जा रही है।
पूर्व में भी यश भारत ने मंडी टैक्स चोरी से जुड़े तथ्यों को प्रमुखता से उजागर किया था, जिसके बाद प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली थी। अब एक बार फिर वही स्थिति बनती दिख रही है। यदि समय रहते प्रभावी जांच और वास्तविक बोरियों की गिनती सुनिश्चित नहीं की गई, तो मंडी राजस्व को लगातार नुकसान होता रहेगा। यश भारत इस मुद्दे को आगे भी प्रमुखता से उठाता रहेगा।







