
22.88 करोड़ का बड़ा बैंक घोटाला, लाभांशी मल्टीट्रेड के डायरेक्टर्स-गारंटरों पर EOW इंदौर में FIR
वर्तमान स्थिति में बैंक को कुल ₹22,88,37,875/- रुपये का भुगतान बकाया है।
इंदौर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) इंदौर ने ₹22.88 करोड़ के बैंक फ्रॉड मामले में मेसर्स लाभांशी मल्टीट्रेड प्रा. लि. के डायरेक्टर्स एवं गारंटरों के खिलाफ FIR दर्ज की है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बैंक की अनुमति के बिना बंधक रखे गए स्टॉक को बेचकर ऋण राशि का दुरुपयोग किया।
EOW को प्राप्त शिकायत की जांच में पाया गया कि मेसर्स लाभांशी मल्टीट्रेड प्रा. लि. ने वर्ष 2019 में द कॉसमोस को-ऑपरेटिव बैंक लि. से मशीनरी क्रय के लिए ₹2.50 करोड़ का टर्म लोन तथा ₹2.50 करोड़ की कैश क्रेडिट लिमिट प्राप्त की थी। इसके बाद वर्ष 2020 और 2022 में कंपनी के संचालकों द्वारा बैंक से कैश क्रेडिट लिमिट बढ़वाकर ₹21.50 करोड़ कर दी गई।
वर्तमान स्थिति में बैंक को कुल ₹22,88,37,875/- रुपये का भुगतान बकाया है।
मेसर्स लाभांशी मल्टीट्रेड प्रा. लि.
आयुष अग्रवाल, पिता राजेन्द्र कुमार सिंघल, उम्र 32 वर्ष, निवासी 03 प्रकाश नगर, थाना नौगांव, जिला धार (डायरेक्टर एवं गारंटर)
अनूप सिंघल, पिता श्री राजेन्द्र कुमार सिंघल, उम्र 36 वर्ष, निवासी 03 प्रकाश नगर, थाना नौगांव, जिला धार (डायरेक्टर एवं गारंटर) अंकुश सिंघल, पिता श्री राजेन्द्र कुमार सिंघल, उम्र 42 वर्ष, निवासी 03 प्रकाश नगर, थाना नौगांव, जिला धार (गारंटर) राजेन्द्र कुमार सिंघल, पिता स्व. बाबूलालजी सिंघल (अग्रवाल), उम्र 62 वर्ष, निवासी 03 प्रकाश नगर, थाना नौगांव, जिला धार (गारंटर) एवं अन्य।
अपराध का विवरण:
जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने बैंक को बिना सूचना दिए और बिना अनुमति के बंधक स्टॉक—जैसे चना, सोयाबीन आदि—को खुर्द-बुर्द कर दिया। उक्त स्टॉक बैंक के पास गिरवी था, जिसे बैंक की अनुमति के बिना बेचा नहीं जा सकता था। इस प्रकार बैंक से प्राप्त ऋण राशि का धोखाधड़ीपूर्वक गबन किया गया। उक्त तथ्यों के आधार पर EOW इंदौर द्वारा आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420 एवं 120-बी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ कर दी गई है।







