मध्य प्रदेशराज्य

बड़ी खबर : अब पेंच की पीएन 224 की जगह पीएन 230 बाघिन को राजस्थान भेजने की तैयारी : पेंच टाइगर रिजर्व के जंगल मे की जाएगी सर्चिंग

Table of Contents

सिवनी यश भारत:-देश के पहले इंटरस्टेट ट्रांसलोकेशन अभियान के चलते सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व से राजस्थान के बाघों का जीन पूल सुधारने के लिए पीएन 224 बाघिन को भेजने की तैयारी चल रही थी लेकिन अब पीएन 230 बाघिन को भेजा जाएगा। अब पेंच टाइगर रिजर्व में चलाए जा रहे देश के पहले इंटरस्टेट ट्रांसलोकेशन अभियान में नया मोड़ आ गया है। अब बाघिन पीएन-224 की जगह बाधिनं पीएन-230 को राजस्थान भेजने की तैयारी की जा रही है। कुरई रेंज के बफर एरिया में उसकी सर्चिग भी शुरु कर दी गई है। उसकी तलाश के लिए कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, वहीं दो हाथी दल बाघिन पीएन-230 की तलाश कर रहा है। पेंच टाइगर रिजर्व के प्रभारी डिप्टी डायरेक्टर डीएफओ गौरव मिश्र ने बताया कि बाघिन पीएन-224 को 5 दिसंबर को ही डार्ट मारकर ट्रेंकुलाइज किया गया था और रेडियो कॉलर लगाकर उसे छोड़ा गया था। अगले दिन उसे लगाया गया रेडियो कॉलर झाड़ियों में पड़ा मिला था। अब बाघिन पीएन-224 को पखवाड़े भर री-ट्रेंकुलाइज नहीं किया जा सकता। इससे उसकी सेहत पर असर पड़ सकता है। इसके चलते लगभग तीन साल उम्र की बाघिन पीएन-230 को राजस्थान भेजने का निर्णय लिया गया है। यदि इसे ट्रेंकुलाइज करने में सफलता मिलती है तो बाघिन पीएन-230 को ही राजस्थान भेजा जा सकता है।

बाघिन को पेंच टाइगर रिजर्व से राजस्थान के बूंदी जिले स्थित रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व ले जाने के लिए संयुक्त सर्चिग ऑपेरशन 28 नवंबर को प्रारंभ किया गया था। इसके लिए राजस्थान के कोटा से सीसीएफ वाइल्ड लाइफ सुगनाराम जाट व विटनरी डॉ. तेजेन्द्र सिंह रियार भी यहां आए थे। बताया जा रहा कि बाधिन पीएन-224 को लगाया गया रेडियो कॉलर अगले ही दिन गिर जाने के बाद राजस्थान की टीम वापस लौट गई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button