30 लाख का फर्जी भुगतान: वन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज, वनपाल के पुत्र की कम्पनी को किए गए फर्जी भुगतान

जबलपुर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर ने 30 लाख के फर्जी भुगतान मामले में वन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। फर्जी भुगतान वनपाल के पुत्र की कम्पनी को किए गए थे। वनपाल के उसी पुत्र के नाम मजदूरी का भी फर्जी भुगतान किया गया।
ईओडब्ल्यू जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि अनादि बुधोलिया उप वन मंडलाधिकारी परासिया, छिन्दवाड़ा , कीर्ति बाला गुप्ता परिक्षेत्र अधिकारी, सांवरी रेंज, छिन्दवाड़ा, हीरालाल सनोडिय़ा वन परिक्षेत्र अधिकारी सांवरी रेंज छिन्दवाड़ा , बनपाल चेतराम चौबे के पुत्र सुशील चौबे ने आपसी साठगांठ कर कैम्पा योजना के अंतर्गत कराये जाने वाले कार्यों में फॉरेस्टर चेतराम के पुत्र सुशील चौबे को फर्जी मजदा बताकर और इसी फर्जी मजदूर सुशील चौबे की फर्म अवनी कंस्ट्रक्शन के खातों में निर्माण कार्य एवं बाउण्ड्रीवाल आदि निर्माण कार्यों की स्वीकृत राशि का आहरण कर फर्जी भुगतान किया एवं एक ही कार्य के लिये एक ही मजदूर को एक ही 2 बार भुगतान किया। अनाधि बुधीलिया अपने सेवाकाल के 19 वर्षों में से 17 वर्ष एक ही वन मण्डल में पदस्थ रहा है।
यह है गड़बड़झाला
शिकायत की जांच पर पाया गया कि वन पाल के पुत्र सुशील चौबे को वन विभाग द्वारा 2,71,379 रुपये की मजदूरी का फर्जी भुगतान किया गया, साथ ही सुशील चौबे की अवनी कन्स्ट्रक्शन को कैम्पा व अन्य मद से कुल राशि 23.21,199 रुपये का भुगतान वन विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त जांच में सांवरी परिक्षेत्र में बाउण्ड्री वाल निर्माण के लिये स्वीकृत 15 लाख रुपये में से 6.97.643 रूपये के देयक पाये गये तथा शेष राशि का गबन कर लिया गया। उक्त कार्य बिना स्वीकृति प्राप्त कर किये गये तथा स्वीकृति प्राप्त होने के पूर्व ही 2,22,176 रूपये भुगतान किया गया। उपरोक्त भुगतान भण्डार क्रय नियम व शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के विपरीत जाकर किया गया। साथ ही वन मण्डल परासिया द्वारा 4 कैमरे की डी.व्ही.आर. व सी.सी.टी.व्ही. कैमरा हेतु स्थानीय सप्लायर मेसर्स डिजिटल एक्स छिन्दवाड़ा को कोटेशन से अधिक 52,534 रुपये का भुगतान कार्य स्वीकृति के पूर्व ही वन विभाग परासिया के अधिकारियों द्वारा किया गया।
सरकारी अधिकारी का पुत्र बना फर्जी मजदूर-
उल्लेखनीय है कि आरोपी सुशील चौबे का पिता चेतराम चौबे उसी वन मण्डल में घटना समय फॉरेस्टर के पद पर पदस्थ रहा है। उसी सरकारी अधिकारी के पुत्र को फर्जी मजदूर के रूप में दिखाया जाकर 2,71,337 रूपये का भुगतान कर दिया गया है। इसी क्रम में आश्चर्यजनक रूप से इसी फर्जी मजदूर सुशील चौबे की स्वयं की फर्म अवनी कंस्ट्रक्शन छिंदवाड़ा को कैम्पा योजना का 23.21,199 रुपये का भुगतान फर्म के छिन्दवाड़ा स्थित ऐक्सिस बैंक के खाते में किया गया।
ऐसे किया फर्जीवाड़ा-
जांच के दौरान पाया गया अवनी कंस्ट्रक्शन फर्म का नाम वही पदस्थ चैतराम चौबे की सुपुत्री अवनी के नाम पर रखा गया है और वनपाल का पुत्र सुशील चौबे उसे संचालित करता है। यही सुशील चौबे वन विभाग के निर्माण कार्यों में मजदूर के रूप में दर्ज होकर मजदूरी भी प्राप्त कर रहा था। यह फर्जीवाड़ सामान्य वन मण्डल छिन्दवाड़ा के परिक्षेत्र सांवरी में ही सतत् चलता रहा है।








