जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य

अधारताल में अवैध अहातों का आतंक! चकना के साथ खुलेआम बिक रहा गांजा–स्मैक, महिलाओं की सुरक्षा पर भी संकट

यश भारत, जबलपुर। अधारताल क्षेत्र में अवैध अहातों का व्यापक जाल तेजी से फैलता जा रहा है। शराब के इन बेधड़ंक ठिकानों पर अब न सिर्फ नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, बल्कि नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि स्थानीय निवासी दहशत में जीने को मजबूर हैं।

मुख्य बिंदु जो स्थिति की गंभीरता बताते हैं —

1. अवैध अहातों की आड़ में नशे का खुला कारोबार

स्थानीय लोगों के मुताबिक, अधारताल में संचालित अवैध अहातों में शराब के साथ गांजा और स्मैक का खुला व्यापार हो रहा है। युवाओं को आसानी से नशा उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे क्षेत्र का युवा वर्ग तेजी से नशे की गिरफ्त में फँसता जा रहा है।

2. महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा खतरे में

नशे में धुत्त लोगों के बीच रास्ते में गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ की घटनाएँ बढ़ गई हैं। राह चलती महिलाओं व बच्चियों का निकलना दूभर हो गया है। स्थानीय परिवार लगातार असुरक्षा की स्थिति महसूस कर रहे हैं।

3. मंदिर के पास फैलाई जा रही गंदगी

अवैध अहाता एक मंदिर के नजदीक संचालित है, जहां से निकलने वाला कचरा रास्ते के बीचों-बीच फेंक दिया जाता है। इससे पूजा करने आने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। धार्मिक स्थल के आसपास बढ़ती गंदगी और नशेड़ियों की भीड़ से वातावरण दूषित हो रहा है।

4. शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं — सवालों के घेरे में प्रशासन

स्थानीय नागरिकों ने कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यही नहीं, यह पूरा गोरखधंधा पुलिस चौकी के बिल्कुल बगल में खुलेआम चल रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली और दावे कटघरे में खड़े हो रहे हैं।

5. युवाओं पर नशे का बढ़ता असर—समाज के लिए चेतावनी

अवैध नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता युवाओं को अपराध और लत की ओर धकेल रही है। क्षेत्र में कई युवा नियमित रूप से इन अहातों से नशा खरीदकर सेवन कर रहे हैं, जिससे सामाजिक ताना-बाना बिगड़ता जा रहा है।

प्रशासन के लिए बड़ा सवाल

जब जिले में नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के दावे बार-बार किए जाते हैं, तो फिर अधारताल जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में पुलिस चौकी के नजदीक ही यह खतनाक व्यापार कैसे फल-फूल रहा है?

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