हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 45 दिनों में अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश
High Court orders Central Bank of India to grant compassionate appointment within 45 days

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 45 दिनों में अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, मुंबई को याचिकाकर्ता तुषार व्यास को 45 दिनों के भीतर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का निर्देश दिया है। यह आदेश जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने 29 अक्टूबर 2025 को WP No. 2961/2025 पर सुनाया। उल्लेखनीय है कि यह पूरा मामला मात्र 4 माह के भीतर निपट गया, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नर्मदा प्रसाद चौधरी, अधिवक्ता अमित कुमार चौधरी एवं आर.एल. चौधरी ने तर्क रखा कि तुषार व्यास (26 वर्ष), इंजीनियरिंग स्नातक हैं और नियुक्ति के सभी मानदंडों को पूरा करते हैं, लेकिन बैंक ने उनके परिवार को निर्धन श्रेणी में न मानते हुए नियुक्ति से इंकार कर दिया था।
अधिवक्ताओं ने अदालत के समक्ष यह तथ्य रखा कि बैंक ने लीव-इंकेशमेंट राशि और पेंशन आंकलन में गलत जानकारी प्रस्तुत की। बैंक ने परिवार की मासिक आय को बढ़ा-चढ़ाकर 65% बताया जबकि वास्तविक गणना में आय 60% से कम आती है, जिसके आधार पर अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान है।
अदालत ने बैंक द्वारा प्रस्तुत Return को खारिज करते हुए नये सिरे से आंकलन करने और 15 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता को मासिक आय का विवरण उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं।
इस फैसले के साथ तुषार व्यास के परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है और यह निर्णय अन्य अनुकंपा नियुक्ति मामलों के लिए भी मिसाल बन सकता है।







