भोपालमध्य प्रदेश
वार्ड 65 में घरों के सामने फैला कचरा, लोगों की बढ़ी परेशानी

वार्ड 65 में घरों के सामने फैला कचरा, लोगों की बढ़ी परेशानी
– साफ सफाई नहीं होने से बढ़ रहा संक्रमण का खतरा

यश भारत, भोपाल। प्रदेश सरकार स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन राजधानी के वार्डों में सरकार के प्रयासों को बट्टा लगाया जा रहा है। शहर के कुछ वार्डो में तो कचरा कई कई दिनों तक उठ नहीं रहा है। एक ऐसा ही वार्ड इन दिनों शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। वार्ड 65 में नरेला शंकरी रोड इलाके में लोगों के घरों के पास कचरा फैला हुआ है। हालात यह है कि लोगों का घरों से निकलना भी दूभर हो रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद भी घरों के सामने फैला कचरा नहीं उठाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं। वहीं नगर निगम का अमला भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। यहां से आने जाने वाले लोगों के लिए भी फैला हुआ कचरा परेशानी का सबब बन गया है। गंदगी और कचरे के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह समस्या उनके स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जिंदगी दोनों के लिए खतरा पैदा कर रही है।
कचरे के कारण चलना हुआ दूभर
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिया के टूटे होने के कारण आवागमन में दिक्कतें तो हैं ही, वहीं नाले का गंदा पानी और आसपास फैला कचरा सडक़ पर फैल जाता है। इससे पैदल चलना मुश्किल हो गया है और दोपहिया वाहन चालक भी बार-बार फिसलने का खतरा झेलते हैं। कई बार बच्चे और बुजुर्ग इस गड्ढे और गंदे पानी में फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं।
शिकायतों का न होना चिंता का विषय
क्षेत्रवासियों ने कई बार निगम कार्यालय और जनप्रतिनिधियों से इस पुलिया और आसपास फैले कचरे की समस्या को लेकर शिकायत की है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। यह पुलिया नरेला शंकरी रोड का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे रोजाना सैकड़ों लोग स्कूल, काम और जरूरी कामों के लिए गुजरते हैं। बावजूद इसके मरम्मत और साफ-सफाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
बरसात में समस्या और गंभीर
हाल की लगातार बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। पुलिया और आसपास जमा गंदा पानी मच्छरों का प्रकोप बढ़ा रहा है, वहीं बिखरा कचरा गंदगी फैलाकर लोगों की सेहत के लिए खतरा बन गया है। कई दुकानदारों ने बताया कि पानी और कचरे की वजह से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। कुछ स्थानीय युवाओं ने स्वयं मरम्मत और सफाई की कोशिश की, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण यह सफल नहीं हो सका।
नगर निगम प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
नागरिकों का आरोप है कि अधिकारी केवल कागजों में काम पूरा दिखा देते हैं, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिया और कचरे की सफाई नहीं की गई, तो बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्र में फैली यह लापरवाही स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों के लिए खतरा बन चुकी है।
नागरिक अब वार्ड प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग कर रहे हैं कि टूटी पुलिया की मरम्मत के साथ-साथ आसपास फैले कचरे की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था तुरंत की जाए। उनका कहना है कि अगर प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
साफ सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है
वार्ड में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जहां भी कचरा फैला हुआ है वहां से कचरा हटवाया जा रहा है। सफाई कर्मियों को निर्देशित किया गया है।
– शिरोमनी शर्मा, पार्षद, वार्ड 65







