ग्रीन बेल्ट में पेविंग ब्लॉक बिछाकर बना दी पार्किंग

ग्रीन बेल्ट में पेविंग ब्लॉक बिछाकर बना दी पार्किंग
– एम्स रोड साकेत नगर में सामने आया कारनामा
भोपाल,यशभारत। शहर के पॉश इलाकों में शुमार साकेत नगर क्षेत्र में लगातार आवासीय क्षेत्र बढ़ रहा है इसके साथ ही व्यवसायिक गतिविधियां भी हो रही हैं। जिसके चलते पर्यावरण के लिए खतरा मंडरा रहा है। एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहां ग्रीन बेल्ट में शामिल जगह पर पेविंग ब्लॉक बिछाकर पार्किंग बना दी गई। साकेत नगर के सेक्टर 9 ए में मुख्य सडक़ से ग्रीन बेल्ट पर अवैध रूप से पार्किंग बना दी गई है। पेड़ों को काटकर और मिट्टी समतल कर पेविंग ब्लॉक लगाए गए हैं। इन जगहों पर आसपास खुले अस्पतालों और दुकानों में आने वाले मरीजों व ग्राहकों के वाहन खड़े किए जा रहे हैं। नगर निगम के वार्ड 56 और जोन 14 के तहत आने वाले इस क्षेत्र में जिम्मेदार विभागीय अधिकारी अब तक मौन हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह इलाका पहले पूरी तरह से आवासीय था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में तेजी से कॉमर्शियल गतिविधियां बढ़ी हैं। एक के बाद एक मकान क्लिनिक, अस्पताल, मेडिकल स्टोर और छोटे दुकानों में बदलते जा रहे हैं।
ग्रीन बेल्ट में लग रहे पेविंग ब्लॉक
क्षेत्रवासियों का कहना है कि ग्रीन बेल्ट का उद्देश्य यहां हरियाली बनाए रखना और प्रदूषण नियंत्रण था, लेकिन अब कई स्थानों पर मिट्टी हटा दी गई है। यहां पेविंग ब्लॉक बिछाकर बाकायदा पार्किंग की जगह बना दी गई है। कुछ जगहों पर पौधों को उजाड़ दिया गया है। लोगों का कहना है कि कई बार निगम को शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रहवासी इलाके में बढ़ रहा कॉमर्शियल दबाव
साकेत नगर के इस सेक्टर की दोनों लाइनें व्यावसायिक रूप ले रही हैं। जहां पहले शांत रहवासी माहौल था, वहां अब पूरे दिन वाहनों की आवाजाही और हॉर्न की आवाज गूंजती है। अस्पतालों के बाहर मरीजों के परिजन और दुकानों के ग्राहक अपने वाहन वहीं ग्रीन बेल्ट पर पार्क करते हैं। इससे न केवल सडक़ किनारे जाम लगता है, बल्कि क्षेत्र का सौंदर्य और पर्यावरण भी बिगड़ रहा है।
निगम की अनदेखी पर उठे सवाल
नगर निगम जोन 14 और वार्ड 56 के अधिकारियों से क्षेत्र के लोगों ने कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक किसी भी अतिक्रमण को भी हटाया नहीं गया। निगम के उद्यान विभाग की टीम भी यहां समय-समय पर पौधरोपण करती रही है, लेकिन पेड़ों की देखरेख नहीं होने से अधिकांश पौधे नष्ट हो चुके हैं। अब सवाल यह है कि निगम की जानकारी के बावजूद ग्रीन बेल्ट में इस तरह का अतिक्रमण कैसे जारी है।







