मध्य प्रदेशराज्य

अंधी हत्या का खुलाशा : अवैध प्रेम संबंधों के चलते की गयी हत्या, जंगल में पत्थरों के नीचे दबा दिया था शव, 50 हजार रूपये की दी गयी थी सुपारी

सोशल मीडिया पर रील देखकर हत्या की रची गयी साजिश

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गोटेगांव, नरसिंहपुर l थाना मुंगवानी क्षेत्रांतर्गत जलशा होटल के सामने से एक व्यक्ति के रहस्यमय तरीके से गायब होने की सूचना प्राप्त हुई थी। इस संबंध में गुम इंसान प्रकरण कायम कर जांच में लिया गया है।गुम इंसान सृजन साहू के रहस्यमय तरीके से लापता होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना द्वारा त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए साथ् ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया के मार्गदर्शन में तथा एसडीओपी मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में तीन विशेष टीमों का गठन किया गया।

गुम इंसान की जांच के दौरान मृतक के भाई से यह तथ्य सामने आया कि मृतक अपने भाई गगन साहू के साथ जलशा होटल के सामने किसी व्यक्ति का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान एक सफेद रंग की कार में सवार एक युवती होटल के सामने पहुँची और मृतक से कुछ समय बात करने के पश्चात उसे अपने साथ पैदल किसी अज्ञात दिशा में ले गई। इसके बाद मृतक वापस नहीं लौटा।

गुम इंसान प्रकरण की जांच के दौरान नरसिंहपुर सहित पड़ोसी जिलों के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से जानकारी एकत्रित की गई 

जांच टीम को प्रारंभिक जांच में उपरोक्त तथ्यों के अलावा कोई विशेष जानकारी प्राप्त नहीं होने पर, पुलिस द्वारा उस युवती, जिसने अपना चेहरा कपड़े से ढक रखा था, की पहचान के प्रयास प्रारंभ किए गए।

इस हेतु होटल परिसर, हाईवे, पेट्रोल पंप तथा आसपास के अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का गहन परीक्षण किया गया। उक्त फुटेज के आधार पर आसपास के गाँवों, पड़ोसी जिले के छपारा क्षेत्र सहित मृतक के गांव और अन्य संभावित स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए गए, ताकि युवती एवं मृतक की मूवमेंट का सुराग लगाया जा सके।

आसपास के जंगलों में की गयी रात-दिन तलाशी 

 गुम इंसान के तलाश हेतु पुलिस टीमों को जंगल में तलाशी हेतु भेजा गया जिसके द्वारा रात-दिन गुम इंसान तलाशी की गयी।

 पुलिस को बड़ा सुराग हाथ लगा 

 जांच में सामने आया कि मृतक सृजन साहू के साथ घटना के दिन दिखाई दी युवती बरहटा निवासी सुष्मा उर्फ निधि साहू थी। पूछताछ में पहले तो निधि ने मृतक के साथ होने से इंकार किया, लेकिन पुलिस की दूसरी टीम को यह जानकारी मिली कि सफेद रंग की कार में उसके साथ दो और व्यक्ति मौजूद थे।

हत्या के लिए दी गई सुपारी 

  पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उन व्यक्तियों की पहचान की, जिनमें रीछा निवासी साहिल पटेल का नाम सामने आया। साहिल पटेल ने पूछताछ में स्वीकार किया कि निधि साहू ने उससे सृजन साहू की हत्या करवाने के लिए 50,000 में सौदा किया था। उसके अनुसार, निधि साहू ने 20,000 अग्रिम दिए थे और योजना के अनुसार उन्होंने एक नाबालिग सहयोगी के साथ मिलकर सृजन साहू की ग्राम घोघरा के जंगलों में चाकूओं से हत्या कर शव को पत्थरों में दबाकर छुपा दिया।

 उक्त मामले में हत्या की बात सामने आने पर तत्काल पुलिस अधीक्षक, डॉ. ऋषिकेश मीना ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटना स्थल का निरीक्षण किया गया एवं डॉग स्क्वाड के माध्यम से शव एवं साक्ष्यों की तलाशी करायी गई एवं आरोपीगण की निशानदेही पर मृतक सृजन साहू का शव, मृतक को ले जाने में प्रयुक्त कार, दो चाकू, हत्या के दौरान पहने हुए खून लगे कपडे एवं अन्य सामग्री को जप्त किया गया एवं आरोपियों के विरूद्ध धारा 103 (1), 238, 61 (2) (क) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीवद्ध की विवेचना में लिया गया है। पुलिस अधीक्षक, डॉ. ऋषिकेश मीना द्वारा हत्या का खुलाशा करने वाली टीम को 10 हजार रूपये के नगद पुरूस्कार से पुरूकृत किया गया है।

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