
जबलपुर यशभारत। अधारताल तालाब परिसर के मुख्य द्वार के पास नगर निगम द्वारा कचरा डंप किए जाने से क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध फैल गई है। इससे नाराज स्थानीय निवासियों और ‘जय हो अधारताल विकास समिति’ के सदस्यों ने शुक्रवार की सुबह जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि तालाब के किनारे कचरा डालना पर्यावरण संरक्षण नियमों का उल्लंघन है और इससे तालाब का जल प्रदूषित हो सकता है। अधारताल तालाब शहर का प्रमुख जल स्रोत और धार्मिक स्थल है, जिसके पास कचरा फेंकना नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। विरोध के दौरान नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल डंपिंग कार्य बंद करने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।

मामले की जानकारी मिलने पर नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने आश्वासन दिया कि अधारताल तालाब परिसर के आसपास अब किसी भी प्रकार से कचरा डंपिंग नहीं की जाएगी, और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त के निर्देश के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
स्थानीय नागरिकों की प्रमुख मांगें
* अधारताल तालाब परिसर की सुंदरता और स्वच्छता बरकरार रखी जाए।
* तालाब के पास की खाली भूमि पर बच्चों के लिए आकर्षक उद्यान का निर्माण किया जाए।
* परिसर की अनुपयोगी भूमि का उपयोग योग, ओपन जिम और खेल मैदान के रूप में किया जाए।
* तालाब परिसर के मंदिरों को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाए।
* किसी भी स्थिति में तालाब परिसर को कचरा डंपिंग स्थल या गार्बेज सिस्टम के रूप में उपयोग न किया जाए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अधारताल तालाब शहर की धरोहर और प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक है। प्रतिदिन यहां सैकड़ों लोग भ्रमण, पूजा और विश्राम के लिए आते हैं। उन्होंने निगम से मांग की है कि इस क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल स्थल के रूप में विकसित किया जाये।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को बना दिया जोन प्रभारी
सूत्रों की माने तो वर्तमान में नगर निगम के आधारताल संभागीय कार्यालय का प्रभार जिन महानुभाव रविंद्र सिंह के पास है वह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है और उन्हें जोन का प्रभारी बनाकर बैठा दिया गया है। आम आदमी यदि किसी समस्या को लेकर उनसे संपर्क करना चाहे तो एक तो ज्यादातर अपनी सीट पर ही नहीं मिलते और उन्हें फोन उठाने से भी परहेज रहता है ऐसे में लोगों की समस्याएं कैसे हल होगी इसका अंदाजा सहाय जी लगाया जा सकता है। आधारताल तालाब में कल से शुरू होने वाली छठ महापर्व की तैयारी चल रही है तो दूसरी तरफ ठीक तालाब के मुहाने पर कचरा डंप किया जा रहा है और इसी बात को लेकर क्षेत्रीय जनों में आक्रोश का वातावरण निर्मित हो गया था। प्रदर्शनकारियो ने आज यहां आने वाली कचरा गाड़ियों को भी रुक तथा और कहीं ले जाकर कचरा डंप करने की बात कही। जिसको लेकर प्रदर्शनकारी और कचरा गाड़ी कर्मियों के बीच हल्की-फुल्की झडप भी हुई। एक तरफ तो शासन प्रशासन तालाबों की संरक्षण और संवर्धन की बातें करता है तो दूसरी तरफ इस के कृत्य शासन प्रशासन के प्रयासों को पलीता लगा रहा है।






