भोपाल की सडक़ों पर रेंग रहे वाहन, लोगों की बढ़ रही परेशानी
त्योहारी सीजन में ट्रैफिक का भारी दबाव

भोपाल की सडक़ों पर रेंग रहे वाहन, लोगों की बढ़ रही परेशानी
– त्योहारी सीजन में ट्रैफिक का भारी दबाव
भोपाल यशभारत। त्योहारी खरीदारी के सीजन ने राजधानी की सडक़ों पर यातायात व्यवस्था की पोल खोल दी है। शहर के प्रमुख बाजारों और मुख्य चौराहों पर सुबह से लेकर देर रात तक जाम की स्थिति बनी रहती है। ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद यातायात अमला प्रभावी रूप से व्यवस्था नहीं संभाल पा रहा है। सबसे अधिक परेशानी न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, चौक बाजार, सराफा, बि_न मार्केट, मारवाड़ी रोड, हमीदिया रोड और भेल क्षेत्र के आसपास देखने को मिल रही है। इन इलाकों में पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने और सडक़ किनारे अस्थायी दुकानों के कारण जाम की स्थिति और गंभीर हो गई है।
सौ मीटर का रास्ता पार करने में भी लग रहा समय
त्योहारों की खरीदारी के लिए घरों से निकले लोग घंटों तक वाहनों की कतार में फंसे रहते हैं। कई जगहों पर ऐसे हालात बने कि सौ-सौ मीटर का रास्ता तय करने में आधा घंटा से भी ज्यादा समय लग गया। सबसे अधिक परेशानी दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को हो रही है जो संकरी गलियों, बाजारों के आसपास और मुख्य सडक़ों के कटाव वाले हिस्सों से निकलने की कोशिश करते हैं। जाम के दौरान एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं के वाहन भी अटक जाते हैं, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो जाती है।
जहां समस्या वहां से नदारद यातायात अमला
लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस सिर्फ चौराहों पर मौजूद दिखाई देती है, लेकिन जहां असल समस्या है वहां नियंत्रण के लिए पर्याप्त कर्मी तैनात नहीं किए जाते। कई बार सिग्नल तोडक़र निकलने वाले वाहन चालक भी भीड़ बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। वहीं कुछ दुकानदार और ठेले-हॉकर सडक़ पर अतिक्रमण कर लेते हैं, जिससे मार्ग और संकरा हो जाता है। त्योहारी सीजन में खरीदारी के लिए निकली महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। बच्चों के साथ पैदल निकलने वालों को भी जाम के बीच रास्ता तलाशने में कठिनाई झेलनी पड़ रही है।
दुकानदार कर रहे परेशानी का सामना
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह समय बिक्री का चरम होता है, लेकिन यातायात और भीड़ की गड़बड़ी से खरीदार लौट जाते हैं। वहीं पार्किंग की व्यवस्था न होने के कारण लोग अपनी गाडय़िां जैसे-तैसे सडक़ किनारे छोड़ देते हैं। इससे ट्रैफिक का दबाव और बढ़ जाता है। जिन इलाकों में वैकल्पिक पार्किंग स्थल मौजूद हैं, वहां भी पर्याप्त संकेतक और दिशा-निर्देश न होने से लोगों को जानकारी नहीं मिल पाती।
यातायात अधिकारियों का कहना अतिरिक्त बल तैनात कर रहे
यातायात विभाग का दावा है कि अतिरिक्त बल की तैनाती की जा रही है, पर हकीकत यह है कि भीड़भाड़ वाले समय में ट्रैफिक पुलिस मौके पर कम ही नजर आती है। कई स्थानों पर मोड़ और चौराहों पर बिना संकेत व्यवस्था के वाहन चालकों को खुद-ब-खुद रास्ता निकालना पड़ता है। इससे विवाद और धक्का-मुक्की की नौबत भी आती है।







