रादुविवि कर्मचारी संघ में घमासान अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास की तैयारी
216 कर्मचारियों का हस्ताक्षर पत्र सौंपा

जबलपुर, यश भारत। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में कर्मचारियों और पेंशनर्स द्वारा अपनी मांगों को लेकर की गई 26 दिन की हड़ताल अब एक नया विवाद उठ गया है। विदित है कि कर्मचारी संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह पटेल द्वारा हड़ताल को अचानक समाप्त करने के निर्णय ने विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और संघ पदाधिकारियों के बीच भारी असंतोष पैदा कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अध्यक्ष ने यह निर्णय संघ की कार्यकारिणी और हड़ताल में शामिल कर्मचारियों को विश्वास में लिए बिना ही एकतरफा रूप से लिया, जिससे कर्मचारी आक्रोशित है। संघ के कई प्रमुख पदाधिकारी, जो पहले अध्यक्ष के समर्थन में थे, अब उनके निर्णय से असहमत दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार यह पहली बार हुआ है जब रादुविवि कर्मचारी संघ के 57 वर्षों के इतिहास में किसी अध्यक्ष के खिलाफ इस स्तर की नाराजगी सामने आई है।
216 कर्मचारियों का हस्ताक्षर पत्र सौंपा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कर्मचारियों ने संघ के संविधान की धारा 19 का हवाला देते हुए अध्यक्ष, महासचिव और कुलगुरु को 216 कर्मचारियों का हस्ताक्षर वाला लिखित पत्र सौंपकर अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें अब यह विश्वास नहीं रह गया है कि वर्तमान अध्यक्ष के नेतृत्व में उनकी समस्याओं का समाधान हो पाएगा। धारा 19 के अनुसार, यदि संघ के कम से कम 20% सदस्य लिखित सूचना देकर अविश्वास प्रस्ताव की मांग करते हैं, तो अध्यक्ष को 7 दिनों के भीतर आमसभा की बैठक बुलानी होगी। प्रस्ताव पर निर्णय गुप्त मतदान से तीन चौथाई बहुमत द्वारा किया जाएगा।







