बैतूल कलेक्टर सूर्यवंशी की सूझबूझ ने दंगे की आग को शांति में बदला

बैतूल कलेक्टर सूर्यवंशी की सूझबूझ ने दंगे की आग को शांति में बदला
भोपाल यशभारत। बैतूल जिले के मुलताई में घटित घटनाक्रम ने पूरे जिले को प्रभावित किया, लेकिन इस संकट की घड़ी में जिला प्रशासन के मुखिया कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने साहस, सूझबूझ और तत्परता का परिचय दिया। जैसे ही उन्हें दो पक्षों के बीच बढ़ते विवाद की सूचना मिली, वे बिना किसी विलंब के मौके पर पहुंचे और स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया। उस समय वातावरण तनावपूर्ण था, भीड़ आक्रोशित थी, परंतु कलेक्टर सूर्यवंशी शांतचित्त रहते हुए न्यायपूर्ण रवैया अपनाया। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कोई भी बात या सुझाव आंदोलन के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। कानून के दायरे में रहकर ही हर समस्या का समाधान होगा।
उनकी इस दृढ़ता और सुझबुझ ने दोनों पक्षों को शांत किया। जो लोग पहले उग्र थे, वही कुछ क्षणों बाद कलेक्टर और एसपी के नेतृत्व में शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोगी बन गए और अपने लोगों को समझने लगे। कलेक्टर और एसपी ने भीड़ भरे स्थानों पर जाकर व्यक्तिगत रूप से लोगों से अपील की, उन्हें तितर-बितर होकर घर जाने की समझाइश दी। उनके इस मानवीय व्यवहार और सख्त प्रशासनिक दृष्टिकोण ने जनता को प्रभावित किया। मुलताई के नागरिकों ने कलेक्टर सूर्यवंशी के साहस और नेतृत्व की सराहना की। उल्लेखनीय है कि यह कोई पहला अवसर नहीं है जब कलेक्टर सूर्यवंशी ने संकट की स्थिति में ऐसा नेतृत्व दिखाया हो। पूर्व में भी उन्होंने अपनी प्रशासनिक सेवाओं में अपनी कुशल नेतृत्व शैली का परिचय दे चुके हैं।






