मध्य प्रदेशराज्य

ऐतिहासिक निर्णय : शराब और मांस की बिक्री पर लगी रोक

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पटेरा, दमोहl जनपद पटेरा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सतरिया में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। समस्त ग्रामीणों की मौजूदगी में यह फैसला हुआ है कि अब से ग्राम में किसी भी प्रकार की अवैध शराब और अवैध मांस की बिक्री नहीं की जाएगी। साथ ही, शराब पीकर गाली-गलौज या उत्पात मचाने पर भी सख्त पाबंदी लगाई गई है।

इस फैसले को लागू करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है, जो नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। सर्वसम्मति से यह तय किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति शराब पीकर गांव में गाली-गलौज करता है, तो उस पर 2100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, यदि कोई व्यक्ति अवैध शराब बेचते हुए पाया जाता है, तो उसे 5100 रुपये का दंड देना होगा।

इस निर्णय को प्रभावी बनाने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है, जिसमें गांव के लगभग 100 लोग जुड़े हुए हैं। किसी भी घटना की सूचना इस ग्रुप में साझा की जाएगी, जिसके बाद सभी मिलकर दोषी व्यक्ति पर दंडात्मक कार्रवाई करेंगे। जुर्माने के रूप में वसूले गए पैसे का उपयोग सार्वजनिक स्थलों और धार्मिक कार्यों में किया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद विधायक प्रतिनिधि लालचंद खटीक ने ग्रामीणों के इस फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि “यह एक ऐतिहासिक निर्णय है। यदि सभी ग्राम पंचायतें इस तरह के कदम उठाएं, तो समाज में काफी सुधार हो सकता है।”

सरपंच श्रीमती रानी कुशवाहा ने बताया कि “हम सभी महिलाओं ने मिलकर यह पहल की है। शराब पीने वाला व्यक्ति घर और गांव में अशांति फैलाता है। इसलिए हमने यह निर्णय लिया है ताकि सभी ग्रामवासी सुख-शांति से जीवन व्यतीत कर सकें।”

पंडित अखिलेश पाठक ने भी इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि “हम सभी ग्रामवासी यह सुनिश्चित करेंगे कि गांव में कोई भी अवैध शराब या मांस नहीं बिकेगा।” उन्होंने यह भी बताया कि यदि कमेटी किसी मामले में निर्णय नहीं कर पाती है, तो थाना पटेरा और पुलिस की सहायता भी ली जाएगी।

ग्राम पंचायत सचिव उत्तम कुशवाहा और सरपंच रानी कुशवाहा के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में महिला-पुरुष, छात्र-छात्राएं और शिक्षक शामिल हुए। सभी ने अपने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर रैली निकाली और यह शपथ ली कि वे किसी भी तरह का नशा नहीं करेंगे। यह वाकई में सतरिया गांव के लिए एक ऐतिहासिक और सराहनीय कदम है।

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