डिंडोरी lकान्हा टायगर रिजर्व में 31 अगस्त से 6 सितंबर तक मुक्की परिक्षेत्र के औरई मैदान में हाथी रिजुविनेशन कैंप का समापन हो गया। सात दिन चले इस कैंप में 17 विभागीय हाथियों की विशेष देखभाल की गई। हाथियों को अतिरिक्त पोषण के रूप में विटामिन्स और मिनरल्स दिए गए। उन्हें केला, मक्का, अनानास, नारियल और पपीता जैसे मौसमी फल भी खिलाए गए।
हाथियों की दिनचर्या में सुबह जंगल से वापसी के बाद स्नान कराया जाता था। इसके बाद नीम और अरण्डी के तेल से उनके पैरों और सिर की मालिश की जाती थी। दोपहर में दोबारा स्नान और मालिश के बाद उन्हें रोटी और गुड़ खिलाकर जंगल में छोड़ा जाता था। शिविर के दौरान हाथियों के रक्त नमूनों की जांच की गई। साथ ही नाखूनों की ड्रेसिंग, पेट के कृमियों की दवा और दांतों की आवश्यक कटाई भी की गई। महावतों और चाराकटरों का स्वास्थ्य परीक्षण भी इस दौरान किया गया। कान्हा टायगर रिजर्व में कुछ हाथी देश के विभिन्न क्षेत्रों से लाए गए हैं और कुछ का जन्म यहीं हुआ है। ये हाथी वन और वन्यप्राणी सुरक्षा के लिए गश्ती कार्य करते हैं। साथ ही पर्यटन प्रबंधन में भी सहयोग करते हैं। यह वार्षिक शिविर हाथियों को नई ऊर्जा और मानसिक विश्राम प्रदान करता है। इससे उनकी कार्यक्षमता और आयु में वृद्धि होती है।
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