सर्वेयरों की सुध ले सरकार!
काम तो कराते हैं, पर वेतन नहीं देते – नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

जबलपुर. लोकल एरिया सर्वेयरों का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है। चुनावी कार्य हो या शासकीय योजना, हर जगह सर्वेयरों की ड्यूटी तो लगाई जाती है, लेकिन मेहनताने और सुरक्षा को लेकर प्रशासन चुप है। मंगलवार को नाराज़ सर्वेयरों ने नायब तहसीलदार बरगी को ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा जाहिर की।
काम कराओ, वेतन मत दो!
सर्वेयरों ने कहा कि उन्हें लगातार ई-केवाईसी और फील्ड सर्वे के काम में लगाया जा रहा है। गांव-गांव घूमकर कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है, मगर भुगतान समय पर नहीं होता। यह सीधे तौर पर शोषण है।
मुख्य मांगें
सर्वेयरों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
समय पर नियमित मानदेय और वेतन दिया जाए।
लंबे समय से काम कर रहे सर्वेयरों को नियमित कर्मचारी का दर्जा मिले।“हम भी इंसान हैं” – सर्वेयरों की व्यथा
📢 एक सर्वेयर ने कहा – “सरकार हमें हर बार याद करती है, जब काम निकलता है। लेकिन जब वेतन और सुरक्षा की बात आती है तो कोई सुनवाई नहीं होती।”
📢 दूसरे ने जोड़ा – “परिवार पालना मुश्किल हो गया है, महीने-महीने मेहनत का पैसा अटका रहता है।”
तहसीलदार से हस्तक्षेप की मांग
सर्वेयरों ने साफ कहा कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल नायब तहसीलदार ने ज्ञापन को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।इस दौरान संजय पटेल,संजय , महेश पटेल
पवन बर्मन, रामशंकर ,जितेन्द्र पटेल,अरविंद पटेल,सुरेन्द्र पटेल,भूपेन्द्र सिंह बघेल आदि उपस्थित थे





