जबलपुरमध्य प्रदेश

खितौला इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक डकैती मामला,बिहार एसटीएफ ने पकड़े दो आरोपी कुछ माल भी हुआ बरामद

लेकर आ रही जबलपुर पुलिस की टीम

जबलपुर यश भारत। 11 अगस्त को सिहोरा के खितौला में इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में हुई 15 करोड़ की सनसनीखेज डकैती के मामले में 20 दिन बाद अब एक राहत भरी खबर सामने आई है। बिहार एसटीएफ ने इस घटना में शामिल दो आरोपियों को बिहार के गया से गिरफ्तार किया है और उन्हें लेकर जबलपुर पुलिस रवाना भी हो गई है। पकड़े गए आरोपियों के पास से तीन किलो सोना भी बरामद होने की जानकारी लगी है बिहार पुलिस की एक वरिष्ठ अधिकारी ने आरोपियों के पकडे जाने की पुष्टि की है।

जो जानकारी मिली है उसके अनुसार पकड़े गए आरोपियों के नाम राजेश दास और इंद्रजीत दास बताये जा रहे हैं। उनके पास से 3 किलो 112 ग्राम सोना बरामद किया गया है। पकड़े गए सोने की कीमत 3 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। बिहार एसटीएफ के द्वारा गिरफ्तार किए गए राजेश दास पर बिहार के विभिन्न जिलों के साथ ही झारखंड छत्तीसगढ़ और उड़ीसा में विभिन्न मामले दर्ज हैं। रायगढ़ की जिस एक्सिस बैंक डकैती कांड से सिहोरा की घटना से जोड़कर देखा जा रहा था हो सकता है उस घटना में भी यह आरोपी रहा हो। हालांकि अब पूरी कहानी जबलपुर पुलिस के अनुसार आरोपियों की जबलपुर पहुंचने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। और स्थानीय पुलिस ने इसको लेकर तैयारी भी शुरू कर दी है और आरोपियों के जबलपुर पहुंचते ही पुलिस अपनी स्क्रिप्ट के साथ मीडिया के सामने होगी।

इंद्राना में ही हो चुका था सोने का बंटवारा

इस संबंध में सूत्रों से जो महत्वपूर्ण जानकारी निकलकर सामने आ रही है उसके मुताबिक घटना के बाद लूटे गए सोने का बंटवारा तू आरोपियों ने इंद्राना में ही कर लिया था और यह पांच लोगों के बीच बटा था। इसके अलावा वर्तमान में जो 3 किलो 112 ग्राम सोने पकड़ने की बात सामने आ रही है उसको लेकर भी सूत्रों की कहानी कुछ और ही कह रही है। न केवल माल ज्यादा बरामद हुआ है बल्कि जो दो आरोपी पकड़े गए हैं उसके अलावा भी कुछ लोग हाथ लगे थे लेकिन उनका क्या किया यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

रहीस ने अपने हिस्से का सोना रिश्तेदार के यहां छुपाया

जानकारी तो यहां तक लग रही है कि जिस रईस को पुलिस ने पूर्व में गिरफ्तार करते हुए उसे पूरी घटना का मास्टरमाइंड बताया था सोने की बंटवारे में उसे भी हिस्सा मिला है लेकिन उसने वह माल अपने पास न रखकर अपने किसी रिश्तेदार के यहां छुपा रखा है। लेकिन अब तय बात है कि आने वाले समय में न केवल और माल बरामद हो सकता है बल्कि और आरोपी भी पुलिस के हाथ लगा सकते हैं क्योंकि बिहार एसटीएफ के द्वारा पकड़े गए आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां और सुराग पुलिस को दिए हैं।

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