छत्तीसगढ़ से आए हाथी ने,घर में सो रहे बुजुर्ग को सूंड से उठाकर पटका
ग्रामीणों ने बचाई जान

करंजिया वनपरिक्षेत्र के बांग्ला दादर गांव में छत्तीसगढ़ से भटका नर हाथी घुस आया और ग्रामीण भदरू (60) पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई। वन विभाग ने गश्त बढ़ाई और ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है।

, डिंडौरी। जिले के वन परिक्षेत्र करंजिया अंतर्गत वनग्राम बांग्ला दादर में सोमवार की दरम्यानी रात हाथियों का आतंक सामने आया। छत्तीसगढ़ से भटककर आया एक नर हाथी गांव में घुस आया और उसने एक ग्रामीण को बुरी तरह घायल कर दिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।जानकारी के अनुसार बांग्ला दादर निवासी भदरू पिता शंकर उम्र 60 वर्ष अपने झोपड़ीनुमा घर में सो रहे थे। आधी रात को अचानक मवेशियों की आहट सुनकर वे बाहर निकले। तभी सामने खड़ा हाथी उन पर टूट पड़ा और अपनी सूंड से उन्हें उठा कर करीब पांच मीटर दूर पटक दिया। घटना में भदरू गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण एकत्रित हुए और किसी तरह घायल को झोपड़ी से बाहर निकाला।सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों ने 100 डायल और 108 एम्बुलेंस को भी बुलाने की कोशिश की, लेकिन समय पर वाहन उपलब्ध न हो पाने से घायल को वन विभाग ने प्राइवेट वाहन से करंजिया अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर हालत देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल डिंडौरी रेफर कर दिया।
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छत्तीसगढ़ से आया था हाथी
वन विभाग सूत्रों के अनुसार नर हाथी छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र के ओरा पानी से भटककर बांग्ला दादर पहुंचा था। घटना को अंजाम देने के बाद हाथी कक्ष क्रमांक 781 से होता हुआ पुनः छत्तीसगढ़ की ओर लौट गया। हालांकि, अब भी उसके क्षेत्र में दोबारा आने की आशंका बनी हुई है।
दहशत में है क्षेत्र के ग्रामीण
घटना के बाद से बांग्ला दादर, दक्षिण चौरा दादर और आसपास के वन ग्रामों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का आतंक नया नहीं है, लेकिन हर बार वन विभाग की तैयारियां अधूरी नजर आती हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक हाथियों की आवाजाही पूरी तरह बंद न हो, तब तक प्रभावित गांवों में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की जाए।
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वन विभाग ने किया सतर्क
- वन विभाग करंजिया ने घटना के बाद गांव और उसके आसपास के जंगलों में गश्त तेज कर दी है। विभाग द्वारा ग्रामीणों को सतर्क रहने, रात में अकेले न निकलने और कच्चे मकानों की बजाय सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लेने की अपील की जा रही है। साथ ही अस्थायी कैंप लगाकर निगरानी बढ़ा दी गई है।
- गौरतलब है कि कि पिछले कुछ वर्षों से करंजिया क्षेत्र के जंगलों में छत्तीसगढ़ से आने वाले हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हाथियों के झुंड आए दिन खेतों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई बार ग्रामीणों पर हमला भी कर चुके हैं।
- वन विभाग के पास सीमित संसाधनों के कारण इन पर काबू पाना चुनौती बन गया है। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से गुहार लगाई है कि हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में स्थायी बैरिकेडिंग, वॉच टावर और आपातकालीन मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।





