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सपना या अर्चना आखिर किससे शादी करना चाहता था सरांश – तीन माह पहले पिता को बताया था सपना से प्यार करता हूं

सपना या अर्चना आखिर किससे शादी करना चाहता था सरांश
– तीन माह पहले पिता को बताया था सपना से प्यार करता हूं
– मां ने कहा था घर की इज्जत का ख्याल रखना , बड़े घर में नहीं कर सकते संबंध
– सवाल यह कि क्या अर्चना ही सपना है
भोपाल यशभारत। उप्र के लखीमपुर खीरी से बरामद हुई कटनी निवासी अर्चना तिवारी की गुमशुदगी मामले को लेकर नित नई जानकारी सामने आई है। अर्चना के घर वाले शादी को लेकर दबाव बना रहे थे, लेकिन अर्चना शादी नहीं करना चाहते थे। घरवालों ने रक्षा बंधन के पहले ही कह दिया था कि पूरा सामान लेकर कटनी आ जाओ। अर्चना और सारांश जैन एक दूसरे को कई साल से जानते थे। वहीं सारांश ने तीन माह पहले शुजालपुर में अपने माता पिता को यह जानकारी दी थी लेकिन उस दौरान अर्चना का नाम सपना बताया था। सारांश ने पिता को बताया था कि वह सपना नाम की लडक़ी से प्यार करता है और शादी करना चाहता है, इस बात का सारांश के पिता ने विरोध किया था। कथित तौर पर सपना का नाम सामने आने के बाद मामला अब लव ट्रायंगल से जुड़ता नजर आ रहा है। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सारांश ने जिस लडक़ी का नाम सपना बताया था वह क्या वाकई में सपना है या फिर अर्चना।
सारांश के पिता बोले हमें तो कुछ पता ही नहीं था
घटनाक्रम को लेकर सारांश के पिता जोगचंद्र का बयान भी सामने आया है। उनका कहना है कि तीन माह पहले सपना नाम की लडक़ी का नाम सारांश ने लिया था तब उसे काफी समझाइश दी गई थी कि घर की इज्जत का ख्याल रखना। वहीं सारांश की मां ने बताया कि जब सपना के बारे में बताया था तब कहा था कि हम इतने बड़े घर में संबंध तय नहीं कर सकते हैं। इसके बाद सारांश ने कभी सपना का जिक्र नहीं किया था।
17 अगस्त को ही जीआरपी से लिया था हिरासत में
रानी कमलापति स्टेशन से 7 अगस्त को लापता हुई अर्चना तिवारी की खोज देशभर में शुरू कर दी गई थी। वहीं जीआरपी को सुराग मिला था कि सारांश और अर्चना का कनेक्शन है। 16 अगस्त के सारांश अपनी मां को लेकर इंदौर गया था उसके बाद 17 अगस्त को जब वापस आया तो उसके बाद जीआरपी अमले ने उसे घर से ही हिरासत में ले लिया था।
उप्र के पलिया में जीआरपी ने डाला था डेरा
जीआरपी भोपाल पुलिस के मुताबिक लखीमपुर खीरी से अर्चना को बरामद किया। इस दौरान जीआरपी का अमला तीन दिनों तक लखीमपुर खीरी से सटे ग्राम पलियाकलां में डेरा डाले रहा। अलग अलग टीमों को अर्चना की तलाश में लगाया गया था। नेपाल सीमा के पास लोकेशन मिलने के बाद जीआरपी अधिकारियों ने पलिया सीओ यादवेंद्र यादव से संपर्क किया था। पलिया व सीओ यादव की टीम ने जीआरपी भोपाल के साथ संयुक्त अभियान चलाया और अर्चना को सकुशल बरामद कर लिया।
परिजनों ने साधी चुप्पी
अर्चना व सारांश के परिजनों ने अब पूरी तरह से चुप्पी साध ली है। दोनों के ही परिजन मामले को लेकर बात करना नहीं चाहते हैं। जिस कटनी और शुजालपुर में दोनों के घरों के सामने सन्नाटा पसरा रहा है। जबकि मामला सामने आने के बाद लोगों की भीड़ दोनों के घरों के सामने लगी थी।
जांच पूरी हो चुकी है
अर्चना तिवारी मिसिंग केस की जांच पूरी कर ली गई है, गुमशुदा को सकुशल उसके परिजनों को सौंप दिया गया है।
– राम स्नेही चौहान, डीएसपी, रेल भोपाल

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