सतना। जिला अस्पताल में चिकित्सकीय लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मझगवां के पनघटी गांव की राजकुमारी कोल को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने नॉर्मल डिलिवरी का भरोसा दिलाया और महिला को भर्ती कर लिया।
इलाज में लापरवाही, गर्भस्थ शिशु की मौत
परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने एक-दो घंटे में सब कुछ ठीक होने की बात कही, लेकिन दिनभर उचित इलाज नहीं किया गया। रात करीब 10 बजे डॉक्टरों ने गर्भस्थ शिशु की मौत की जानकारी दी और महिला को वार्ड से बाहर कर दिया।
महिला के रिश्तेदार उमेश कोल ने बताया कि डॉक्टरों ने सोनोग्राफी के लिए उन्हें निजी अस्पताल भेजा। रिपोर्ट आने के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन ने महिला को रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई। मजबूर परिजन आधी रात तक एम्बुलेंस की तलाश में भटकते रहे।
सरकार मातृ-शिशु स्वास्थ्य के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जिला अस्पताल में न तो समय पर इलाज मिल रहा है और न ही मूलभूत सुविधाएं। इस लापरवाही ने स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है।
सीएमएचओ डॉ. एल.के. तिवारी ने कहा—
“मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी
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