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पाकिस्तान और PoK में सैलाब, इमारतें क्षतिग्रस्त,भारी बारिश से 200 से ज्यादा की मौत

मदद लेकर जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश, 5 की मौत

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पाकिस्तान और PoK में सैलाब, इमारतें क्षतिग्रस्त,भारी बारिश से 200 से ज्यादा की मौत

भारी बारिश और बाढ़ से पाकिस्तान का हाल बेहाल है. बाढ़ से लोग मर रहे हैं. पीडीएमए प्रवक्ता ने कहा कि मृतकों या घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका है, क्योंकि प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी बड़ी संख्या में लोग लापता हैं.

 

पाकिस्तान और PoK में सैलाब, इमारतें क्षतिग्रस्त, लोग लापता, भारी बारिश से 200 से ज्यादा की मौत

पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के कई हिस्सों का भारी बारिश और बाढ़ से बुरा हाल है. पिछले 36 घंटों में हुई भारी बारिश की वजह से कम से कम 214 लोग मारे (Pakistan Rain Flood Deaths) जा चुके हैं और कई अन्य घायल हए हैं. ये जानकारी अधिकारियों ने हवाले से सामने आई है. इनमें ज्यादातर मौतें खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुईं, जहां मूसलाधार बारिश की वजह से विभिन्न जिलों में अचानक बाढ़ आ गई. बाढ़ से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और पीओके के गिलगित-बाल्टिस्तान में काराकोरम राजमार्ग और बाल्टिस्तान राजमार्ग समेत प्रमुख सड़कें अवरुद्ध हो गईं.

पख्तूनख्वा में बाढ़ से 198 लोगों की मौत

अधिकारियों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 21 अगस्त तक रुक-रुककर भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है. प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) के प्रवक्ता के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान खैबर पख्तूनख्वा में अचानक आई बाढ़ के कारण 14 महिलाओं और 12 बच्चों सहित कम से कम 198 लोगों की मौत हो गई और कई लोग लापता हैं. बुनेर जिले में सबसे अधिक 92 मौतें हुईं. अन्य प्रभावित जिलों में मानसेहरा, बाजौर, बटाग्राम, लोअर दीर और शांगला शामिल हैं.

बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए 50 करोड़ रुपये जारी

हालांकि, पीडीएमए प्रवक्ता ने यह भी कहा कि मृतकों या घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका है, क्योंकि प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी बड़ी संख्या में लोग लापता हैं. पीडीएमए की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘मुख्यमंत्री अमीन अली गंडापुर द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों की मदद के लिए कुल 50 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं.’

मदद लेकर जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश, 5 की मौत

इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि प्रांतीय सरकार के दो हेलीकॉप्टर लोगों को बचाने के लिए काम कर रहे थे. उन्होंने बताया कि खराब मौसम के कारण एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे मोहमंद आदिवासी जिले में चालक दल के दो सदस्यों और तीन राहतकर्मियों की मौत हो गई. प्रांत के सभी अस्पतालों को जारी एक अधिसूचना में दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने के लिए बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का आदेश दिया गया है.

नीलम घाटी में भी बड़े पैमाने पर जनजीवन प्रभावित

स्वात और बाजौर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पाकिस्तानी सेना का राहत अभियान जारी है तथा सेना की टीम बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर रही हैं. खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अमीन अली गंडापुर ने बचाव और राहत कार्यों के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों को तैनात करने का निर्देश दिया और मलकंद के आयुक्त और बाजौर के उपायुक्त को व्यक्तिगत रूप से कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया. पूर्वोत्तर की नीलम घाटी में भी बड़े पैमाने पर जनजीवन प्रभावित हुआ, जहां पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है.

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