एएनएम कार्यकर्ता बोलीं नौकरी दीजिए या इच्छा मृत्यु दे दीजिए

एएनएम कार्यकर्ता बोलीं नौकरी दीजिए या इच्छा मृत्यु दे दीजिए
– सरकार ने नहीं किया वादा पूरा, जेपी अस्पताल में अनशन पर बैठीं एएनएम
भोपाल यशभारत। सरकार द्वारा नियुक्ति संबंधी आदेश जारी नहीं किए जाने पर महिल बहुउद्देशीय सस्थ्य एनएएम कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। एएनएम कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर जेपी अस्पताल में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। करीब पांच सौ से अधिक एएनएम कार्यकर्ता अमरण अनशन पर बैठी हुई हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार न्याय आयोग की प्रांत प्रमुख ममता हिरवे का कहना है कि जब तक स्थाई नियुक्ति नहीं की जाती और नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को वापस नहीं लिया जा सकता तब तक अनशन समाप्त नहीं किया जा जाएगा।
ममता हिरवे ने बताया कि १ जून से ५ जून तक धरना प्रदर्शन किया गया था, उप मुख्यमंत्री के मौखिक आदेश पर आंदोलन को स्थगित कर दिया गया था। इस दौरान आश्वासन मिला था, लेकिन आदेश अब तक जारी नहीं हुआ है।
प्रदेश की समस्त अभ्यर्थियों (एएनएम) को भर्ती पक्रिया के तहत चयनित होकर समस्त अर्हकारी योग्याताएं होने के बावजूद भी विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए जा रहे हैं, कुछ जिलों में तो ये आलम है कि जिलों में सीएमएचओ के बाबुओं द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन कई बार कर चुके हें किंतु वहां के सीएमएचओ को तो अभी यह स्पष्ट नही हुआ है कि उन्हें नियुक्ति आदेश किन अर्हकारी योग्याता प्राप्त अभ्यर्थियों को जारी करना है।
नौकरी वापस दीजिए नहीं तो इच्छा मृत्यु दे दीजिए
एएनएम कार्यकर्ताओं का कहना है कि नौकरी के छह माह बाद हटाए गए अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया गया। दोबारा मेडिकल फिटनेस बनवाए गए, उसके बाद भी नियुक्तियां निरस्त कर दी गईं। तीन माह से घर परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों के स्कूल की फीस , घर का किराया नहीं दे पा रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि हम ऐसे हालातों में जीकर करेंगे क्या करेंगे या तो हमको हमारी नौकरी वापस दे दीजिए नहीं तो इच्छा मृत्यु दे दीजिए।







