₹13 करोड़ की स्टांप ड्यूटी चोरी का बड़ा खुलासा: रियल एस्टेट कारोबारी समेत 5 पर EOW का केस

इंदौर, – मध्य प्रदेश के इंदौर में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने ₹13 करोड़ 32 लाख 92 हजार की स्टांप ड्यूटी चोरी का एक बड़ा मामला पकड़ा है। इस धोखाधड़ी के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया जा रहा था। मामले में रियल एस्टेट कारोबारी, सीनियर रजिस्ट्रार समेत 5 लोगों के खिलाफ EOW में प्रकरण दर्ज किया गया है।
इन पर दर्ज हुआ केस
EOW द्वारा दर्ज किए गए प्रकरण में रियल एस्टेट कारोबारी विवेक चूघ, हितेश मेहता, अजय जैन, संजय सिंह और अमरेश नायडू को आरोपी बनाया गया है। इसमें सीनियर जिला रजिस्ट्रार और डिप्टी रजिस्ट्रार भी शामिल हैं, जो इस धोखाधड़ी में कथित रूप से शामिल थे।
9 प्लॉटों में हेराफेरी, गाइडलाइन से कम दाम पर रजिस्ट्री
यह पूरा मामला 9 प्लॉटों से जुड़ा हुआ है, जो डीएलएफ गार्डन सिटी मांगल्या सड़क पर स्थित हैं। जांच में सामने आया है कि इन प्लॉटों की रजिस्ट्री गाइडलाइन से काफी कम दर पर की गई थी। मूल गाइडलाइन दर ₹14,200 प्रति वर्ग मीटर है, जबकि रजिस्ट्री ₹50,800 प्रति वर्ग मीटर की दर पर कराई गई थी। इस तरह से जानबूझकर कम मूल्यांकन दिखाकर स्टांप ड्यूटी में करोड़ों रुपये की चोरी की गई।
EOW अब इस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि धोखाधड़ी के अन्य पहलुओं और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों का पता लगाया जा सके। यह कार्रवाई रियल एस्टेट क्षेत्र में होने वाली ऐसी वित्तीय अनियमितताओं पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।







