हंसते हंसाते रहें,तनाव मुक्त जीवन जिएं

हंसते हंसाते रहें,तनाव मुक्त जीवन जिएं
यशभारत का आयोजन -ईशानी शिव वाटिका में योग शिविर में सीखे स्वस्थ रहने के गुर
जबलपुर, यश भारत । जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए सबसे पहले अपने तन और मन को स्वस्थ रखना आवश्यक है। जीवन में किसी भी भौतिक सुख का अनुभव वही व्यक्ति प्राप्त कर सकता है, जिसका तन और मन स्वस्थ है। हंसते हंसाते रहे,तनाव मुक्त जीवन जिएं। कुछ इसी उद्देश्य से लोकप्रिय सांध्यदैनिक यशभारत के तत्वावधान में शताब्दीपुरम उखरी स्थित ईशानी शिव वाटिका में रविवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पूर्वाभ्यास के रूप में यथार्थ श्री फाउंडेशन द्वारा एक दिवसीय योग शिविर का आयोजन इशानी शिव वाटिका में किया गया।
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इस शिविर का संयोजन यश भारत के संस्थापक आशीष शुक्ला की प्रेरणा से किया गया, जिसमें क्षेत्र के अनेक परिवारों ने भाग लिया। शिविर में योगाचार्य रमाकांत पलोहा ने योग के आसनों व व्यायाम संबंधी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योग से मनुष्य निरोगी बन सकता है, क्योंकि इनके माध्यम से हम शारीरिक, मानसिक स्तरों पर अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। हमें अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिदिन योग करना चाहिए। आज के भागदौड़ भरे जीवन में लोगों को शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाना था। आयोजकों ने बताया कि जैसे-जैसे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समीप आ रहा है, विश्व के 200 से अधिक देश योग की दिशा में सक्रिय हो रहे हैं
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, ऐसे में समाज को योग के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। शिविर में फाउंडेशन के प्रतिनिधियों सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं महिलाओंऔर युवाओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि जब सामूहिक रूप से योग होता है, तो वह प्रेरणा बनता है और लोगों में जागरूकता फैलती है। योग केवल एक क्रिया नहीं, बल्कि जीवन के हर स्तर पर संतुलन लाने का माध्यम है।
इस अवसर पर अनुज तिवारी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यथार्थ फाउंडेशन के द्वारा किया गया यह प्रयास सराहनीय है और समाज के हर व्यक्ति तक स्वास्थ्य और खुशियों को पहुँचाने के लिए यह संगठन सतत कार्य कर रहा है। योग से प्रभावित होकर लोगों ने संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं नियमित योग करेंगे, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने यह भी अपील की कि सभी सामाजिक संगठनों, पत्रकारों, युवाओं और नागरिकों को योग की इस मुहिम से जुडऩा चाहिए, ताकि एक स्वस्थ और जागरूक समाज बना सके।







