मेडिकल कालेज पार्ट-2 निर्माण में आएगा लगभग 500 करोड़ का खर्च : जिलेवासियों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं, जल्द शुरू हो सकता है काम

सिवनी यश भारत:-सिवनी मुख्यालय से लगभग आठ किलोमीटर दूर संचालित मेडिकल कालेज के द्वितीय चरण में 600 बिस्तर का लगभग आठ मंजिला अस्पताल भवन, चार-चार मंजिला नर्सिंग कालेज और धर्मशाला भवन के अलावा विशाल आडोटोरियम प्रस्तावित है। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने इसे बनाने में लगभग 500 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की सिवनी प्रवास के दौरान घोषणा के बाद शहरवासियों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नवीन अस्पताल भवन का निर्माण जल्द प्रारंभ होने की उम्मीदें दिखने लगी हैं। कालेज का मुख्य भवन के अलावा 8-8 मंजिला गर्ल्स व बायज छात्रावास,अधिष्ठाता निवास, लेक्चरर रूमलाइब्रेरी,खेल परिसर व व्यवसायिक काम्पलैक्स में बैंक,पोस्ट आफिस,जनरल स्टोर,एटीएम आदि की सुविधा के निर्माण तथा उपकरण ‘पर फेज-1 में लगभग 328 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने खर्च किए हैं।
प्रधानमंत्री ने किया था वर्चुअल लोकार्पण:-
बीते साल 29 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिवनी मेडिकल कालेज का देश के अन्य मेडिकल कालेज के साथ लोकार्पण किया था। मेडिकल कालेज में फिलहाल 100 सीट में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को बैचलर आफ मेडिसिन एंड बैचलर आफ सर्जरी (एमबीबीएस) का अध्यापन कराया जा रहा है। सीटों की संख्या बढ़ाकर 150 करने का प्रयास भी कालेज प्रबंधन और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे हैं।
14 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की व्यवस्था:-
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय ने सिवनी मेडिकल कालेज के लिए 14 प्राध्यापकों की पदस्थापना के आदेश जारी कर दिए है। इनमें एक प्राध्यापक, 8 सहायक प्राध्यापक तथा 5 सह प्राध्यापक शामिल हैं। विभाग से जारी आदेश के अनुसार मेडिकल कालेज के आर्थोपेडिक्स विभाग के प्राध्यापक के रूप में डा. आशीष कैलाश शर्मा को नियुक्त किया गया है। सहायक प्राध्यापक के रूप में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग में डा. प्रसून श्रीवास्तव, डा. इशान सनोडिया व डा. आशा मिश्रा, जनरल सर्जरी विभाग में डा. संजय देव विश्वकर्मा, बाल्य शिशु रोग विभाग में डा. नेहा सिंह व ज्योतिका कुमरे, डर्मेटोलाजी विभाग में डा. चंदन सिंह, प्रसूति व स्त्री रोग विभाग में डा. प्रतिमा कुमारी व डा. निकिता सेन तथा सह प्राध्यापक के रूप में पैथोलाजी विभाग में डा. पुष्पा बाथम व रविकांत महाले, ईएनटी विभाग में डा. अमित रमेशराव थोटे तथा बाल्य एवं शिशु रोग विभाग में डा. रविशंकर उइके और डा. अखिलेन्द्र सिंह परिहार की नियुक्ति की गई है। नियुक्ति आदेश में एक माह में सभी चिकित्सक को कार्यभार ग्रहण करने कहा गया है। 14 प्राध्यापकों की नियुक्ति से मेडिकल कालेज में विद्यार्थियों को अध्यापन में लाभ मिलेगा।
500 करोड़ की लगेगी लागत:-
दूसरे चरण में आधुनिक सुविधाओं से लैस नवीन अस्पताल भवन बनने के बाद मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महानगरों पर आश्रित नहीं होना पड़ेगा। मेडीकल कालेज के साथ बनने वाले अस्ताल में/मरीजों को चिकित्सा सुविधाएं मिलना प्रारंभ हो जाएंगी। शासन ने मेडिकल कालेज भवन निर्माण के लिए 37 एकड़ भूमि स्वीकृत की है। 328 करोड़ रुपये से 28 एकड़ में कालेज भवन बन चुका है। शेष नौ एकड़ क्षेत्र में अस्पताल, नर्सिंग कालेज प्रस्तावित है। छह सौ बिस्तर के नवीन अस्पताल भवन, उपकरण अन्य कामों पर लगभग पांच सौ करोड़ रुपये का खर्च आएगा।पीडब्ल्यूडी पीआईयू विभाग ने इसका प्रारंभिक स्टीमेट तैयार किया है। इसमें लगभग 30 हजार वर्ग फिट में धर्मशाला का निर्माण रोगियों के स्वजनों के लिए कराया जाना प्रस्तावित है। इसी तरह 100 सीटर नर्सिंग कालेज भवन, छात्रावास के साथ लगभग 8 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनाया जाना है।
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर परवेज सिद्दीकी का कहना है कि मेडिकल कालेज में 14 नई नियुक्ति के बाद फैकल्टी की संख्या 60 हो गई है। फैकल्टी की संख्या बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों को सीट बढ़ाकर 150 करने लगातार प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा कालेज के पार्ट-2 की घोषणा करना स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि साबित होगा। क्षे अस्पताल व अन्य प्रस्तावित भवनों के बनने के बाद जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी। विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा। इसमें विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया प्रसास सराहनीय है।
पीआईयू विभाग के एसडीओ डी.डी. उपाध्याय का कहना है कि मेडिकल कालेज फेज-1 के शेष कार्यों को फेज-2 में शामिल किया गया है। इसमे 600 बिस्तर के अस्पताल भवन के अलावा नर्सिंग कालेज भवन, धर्मशाला और आडोटोरियम भवन बनाया जाना प्रस्तावित है। इस पर लगभग 500 करोड़ रुपये का खर्च आने की संभावना है।






