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रायपुर से 70% लोहा आ रहा बिना बिल सरकार को हो रहा 18%जीएसटी का नुकसान

 

प्लांट से लेकर व्यापारी और अधिकारियों की है मिली भगत

जबलपुर यश भारत। केंद्रीय जीएसटी द्वारा फर्जी टैक्स इनपुट चोरी के मामले में बड़े स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। जिसमें करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी और उसके वितरण की जानकारी सामने आ रही है , वहीं दूसरी तरफ जबलपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में बिना बिल के सरिया सीधे रायपुर के प्लांट से विक्रेताओं तक सीधे पहुंच रहा है जिसमें करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी हो रही है और यह पूरा स्टॉक स्टेट व केंद्रीय जीएसटी दिए बिना नहीं आ सकता है, जिसमें कुछ अधिकारियों की भी संलिपिटता हो सकती है।

बॉर्डर हो जाती है पार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और उसके आसपास बहुत सी बड़ी कंपनियों के स्टील प्लांट है, जिनकी बहुत बड़ी सप्लाई जबलपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में है। जिससे लगभग 70% सप्लाई बिना बिल के हो रही है जिस पर केंद्र और स्टेट जीएसटी की 18% की दर से सरिया पर टेक्स लगता है उसे चोरी किया जा रहा है और बिना बिल के ही उक्त सरिया से लदी हुई गाड़ियां छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश बॉर्डर पार कर जाती हैं जबकि बॉर्डर पर बिना बिल के कोई भी टैक्सेबल गुडस क्रॉस नहीं कर सकता, उसके बाद भी जमकर टेक्स चोरी कर के सारिया जबलपुर पहुंच रहा है।

1 रुपए के मार्जिन में सरकार को 9 रुपए का चूना

बिना बिल के जो सरिया जबलपुर और अन्य जिलों में जा रहा है उसमें विक्रेताओं को लगभग 1रुपए का फायदा होता है, याने लोहा यदि आज के रेट से 50 रुपए का है तो उन्हें वह 49 रिपेय में मिलेगा लेकिन इस पूरे मामले में सरकार को लगभग प्रति किलो 9 रुपए का नुकसान होता है, यानी रायपुर से यदि 50 रुपए का बाजार भाव पर लोहा निकलता है और एक गाड़ी में 30 टन लोहा आता है तो खरीददार को 1रुपए के हिसाब से 30 हजार रुपए का मार्जिन आएगा लेकिन सरकार को एक गाड़ी पर 2 लाख 70 हजार रुपए का नुकसान होगा और ऐसी दर्जनों गाड़ियां प्रतिदिन रायपुर से शहर आ रही है जिन में करोड़ों की चोरि हो रही हैं।

केंद्रीय जीएसटी द्वारा जो मामला पकड़ा गया है उसमें टैक्स इनपुट की चोरी के साथ-साथ अंडरलोड और बिना बिल के सरिया लाने की जानकारी भी सामने आ रही है। इस पूरे मामले में रायपुर के बड़े व्यापारी और ट्रांसपोर्टर शामिल है जिनके तार जबलपुर के बड़े डिस्ट्रीब्यूटर और कुछ लोकल ट्रांसपोर्टर से भी जुड़े हुए हैं, जिसमें बड़ी मात्रा में इनपुट चोरी के साथ-साथ बिना बिल के सरिया लाने का मामला है यदि सही तरीके से स्टॉक की जांच हो जाए तो फिर एक बहुत बड़ी चोरी सामने आ सकती है।

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