मझोली की कापा समिति में हुआ 23 लाख का गोलमाल चेक बना समिति के नाम से पैसा पहुंचा फर्जी खाते में

मझोली की कापा समिति में हुआ 23 लाख का गोलमाल
चेक बना समिति के नाम से पैसा पहुंचा फर्जी खाते में
गलत तरीके से निकल गई प्रासंगिक व्यक्ति राशि
जबलपुर, यश भारत। मझौली स्थित बहुउद्देशीय कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित कापा में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां समिति का प्रासंगिक व्यय गोलमाल करके किसी बाहरी व्यक्ति के खाते में गलत तरीके से ट्रांसफर कर दिया गया है। यह राशि कोई छोटी-मोटी नहीं है बल्कि 23 लाख रुपए की है । समिति को दी जाने वाली प्रासंगिक व्यव की राशि का चेक समिति के कुछ कर्मचारियों व व्यापारियों की कारगुजारी के चलते समिति के नाम से बने हुआ चेक के आरटीजीएस में अकाउंट नंबर बदलकर दूसरे खाते में कैश करवा लिया गया।

ऐसे समझे मामला
कापा समिति के द्वारा 2023 – 24 में जो धान की खरीदी की गई थी उसके प्रासंगिक व्यय के रूप में उसे 23 लख रुपए का भुगतान किया जाना था । जिसका चेक विपणन संघ के द्वारा समिति के नाम से बनाकर समिति के खाते में जमा होना था, लेकिन यह चेक तो समिति के नाम से बनाया गया था उस की राशि बाहरी व्यक्ति विवेश बर्मन पिता परशुराम बर्मन चनगवा मझौली में रहने वाले व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो गई। जब कि राशि समिति के खाते में जमा होना थी।
बाहरी व्यक्ति को दिया चेक
प्रासंगिक व्यय को लेकर जब समिति के केंद्र प्रभारी द्वारा विपणन संघ कार्यालय में संपर्क किया गया तो जानकारी मिली कि उक्त राशि का चेक विपणन संघ के द्वारा 23 जनवरी को ही बना दिया गया है लेकिन वह राशि समिति के खाते में नहीं पहुंची जिसके बाद जांच की गई तो पता चला कि उक्त चेक जिसका नंबर 5498 72 है वह खाता क्रमांक 157003 6180 47 में कैश हो चुका है जो की मझौली पास ही रहने वाले विवेश बर्मन का है। इस पूरे मामले में जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार विपणन संघ द्वारा जो चेक बनाया गया था वह किसी बाहरी व्यक्ति को दे दिया गया और फिर उसने इसका गलत उपयोग कर लिया। जिसमें जिला सहकारी बैंक के कुछ अधिकारी शामिल है।
इस पूरे मामले में विपणन संघ के अधिकारियों का कहना है कि उनके द्वारा चेक कापा समिति के नाम से ही बनाया गया था। लेकिन यह किसी और के खाते में कैसे चला गया इस बात की जांच चल रही है, वही इस पूरे मामले में एक बड़ा फर्जी बड़ा हुआ है जिसमें प्रासंगिक व्यय समिति के कुछ कर्मचारी जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों और कुछ मझौली के व्यापारियों के माध्यम से पूरा गोलमाल किया जा रहा है। हालांकि इस मामले में जिला सहकारी बैंक द्वारा एक जांच समिति गठित की गई है उसमें देखना होगा की कितनी वास्तविकता सामने आती है। यश भारत को मिली जानकारी के अनुसार इस पूरे मामले में उक्त पैसे को वापस बैंक के खाते में डलवा कर रफा दफा करने की कोशिश की जा रही है।
जिला सहकारी बैंक का खाता
विपणन संघ के द्वारा जो कापा समिति के नाम से चेक बनाया गया था, उसका खाता जिला सहकारी बैंक मझौली में था, वही जिस खाते में यह राशि ट्रांसफर की गई है वह खाता भी जिला सहकारी बैंक बहोरीबंद का है। हालांकि इस पूरे मामले में जिला सहकारी बैंक मझोली पूर्व अधिकारी और जिला सहकारी बैंक बहोरीबंद के वर्तमान अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। वही इस खाते को लेकर जो जानकारी आ रही है कि इस को अलग-अलग बैंकों में ट्रांसफर किया गया जिसमें पैसे आने की टाइम है और उसके बाद कुछ अधिकारियों के ट्रांसफर की जानकारी भी सामने आ रही है







