देश

पंजाब में बाढ़ से डूबे 1300 गांव,अब तक 30 की मौत

सतलज-ब्यास-रावी उफान पर

यशभारत। पंजाब पिछले एक महीने से भीषण बाढ़ संकट से जूझ रहा है. 1 अगस्त से अब तक बाढ़ के कारण राज्य में 30 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 2.56 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य सरकार ने इसे दशकों की सबसे गंभीर प्राकृतिक आपदा करार दिया है. सूबे में सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के उफान के के साथ मौसमी नालों में बढ़े जलस्तर से कई जिलों में भारी तबाही मची है। बाढ़ के कारण फसलों, किसानों के पशुओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

25 वर्षों में सबसे अधिक हुई बारिश

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद उफनती सतलुज, ब्यास और रावी नदियों तथा मौसमी नालों के कारण पंजाब के बड़े हिस्से में बाढ़ आई है। पंजाब राज्य सरकार ने स्कूलों को 3 सितंबर तक बंद रखने की अवधि बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि पंजाब में अगस्त में 253.7 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 74 प्रतिशत अधिक और राज्य में 25 वर्षों में सबसे अधिक है।

बाढ़ पीड़तों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का सिलसिला ज़ारी

पंजाब में सीएम भगवंत सिंह मान के नेतृत्व सरकार हर हालात से निपटने और प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए लगातार मेहनत कर रही है। उन्होने बताया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी प्रभावित जिलों में बड़े स्तर पर राहत कार्य किए जा रहें है। 15,688 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। गुरदासपुर से 5549 लोग, पठानकोट से 1139, अमृतसर से 1700, फिरोजपुर से 3321, फाजिल्का से 2049 और होशियारपुर से 1052 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया है। इसके अलावा बरनाला से 25, कपूरथला से 515, तरनतारन से 60, मोगा से 115 और मानसा से 163 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं बेघर परिवारों को तुरंत ठहराने के लिए पंजाब भर में 129 कैंप बनाए गए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button