102 नमूने जांचे, 36 लीकेज सुधारे, नालों से गुजरती पाइप लाइनों पर नहीं निगम का ध्यान

102 नमूने जांचे, 36 लीकेज सुधारे, नालों से गुजरती पाइप लाइनों पर नहीं निगम का ध्यान
भोपाल, यश भारत । शहर में कई इलाकों से दूषित पानी की शिकायतें सामने आने के बाद नगर निगम ने जल गुणवत्ता और पाइप लाइन व्यवस्था पर बड़ा अभियान छेड़ने का दावा किया है। निगम का अमला मैदान में उतरा 102 स्थानों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे। साथ ही 36 स्थानों पर पाइप लाइन लीकेज तत्काल दुरुस्त किए गए और 2 शिकायतों का मौके पर निराकरण किया गया।
शहर के झुग्गी बस्ती क्षेत्रों और पुराने मोहल्लों में गंदा, बदबूदार और मटमैला पानी आने की शिकायतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई जगह पेयजल पाइप लाइनें नालों के बीच या उनके बेहद करीब से गुजर रही हैं। लीकेज होने पर नालों का गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिलने का खतरा बना रहता है। निगम ने ऐसे सभी संवेदनशील बिंदुओं को चिन्हित कर सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं।
महापौर मालती राय और निगम आयुक्त संस्कृति जैन के निर्देश पर 8 परीक्षण शालाओं के माध्यम से पानी की गहन जांच की जा रही है। गंध, रंग, स्वाद, रेसिडुअल क्लोरीन, पीएच स्तर, टरबिडिटी और बैक्टीरिया की जांच कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नागरिकों तक सुरक्षित पानी पहुंचे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जहां भी पानी की गुणवत्ता में कमी पाई जाएगी, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
निगम का कहना है कि लीकेज ही दूषित जल आपूर्ति की बड़ी वजह है। इसी कारण 36 लीकेज तत्काल सुधारे गए हैं और आगे भी विशेष अभियान जारी रहेगा। सीएम हेल्पलाइन और महापौर हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार अब तक झुग्गी बस्ती क्षेत्रों के 5,374 स्थानों सहित पूरे शहर में 11,229 जल नमूनों की जांच की जा चुकी है। 2,369 लीकेज सुधारे गए हैं और 7,161 सीवेज चैंबरों की सफाई कराई गई है, ताकि गंदे पानी के रिसाव की आशंका खत्म की जा सके।







