फर्जी पहचान से रेप और धर्म परिवर्तन के दबाव पर 10 साल की सज़ा

फर्जी पहचान से रेप और धर्म परिवर्तन के दबाव पर 10 साल की सज़ा
भोपाल,यशभारत। राजधानी की एक विशेष अदालत ने फर्जी पहचान बताकर महिला से दुष्कर्म करने और बाद में धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के आरोपी मोहम्मद अकरम को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस कृत्य को जानबूझकर किया गया आपराधिक षड्यंत्र माना है।
मिली जानकारी के अनुसार आरोपी मोहम्मद अकरम ने खुद को ‘अमर कुशवाहा’ नामक हिंदू युवक बताया, तिलक लगी फोटो भेजी और एक महिला को झांसे में लिया। पेंटर का नंबर तलाश रही पीड़िता ने गलती से आरोपी को कॉल किया था। इसके बाद आरोपी ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला को कान्हा होटल बुलाया और दुष्कर्म किया। घटना 16 अक्टूबर 2022 को एमपी नगर थाना क्षेत्र में हुई थी। दुष्कर्म के बाद अकरम ने अपना असली नाम बताया और पीड़िता से कहा कि वह उसका धर्म परिवर्तन कराकर अपनी बेगम बनाना चाहता था, जिसके लिए उसने यह कदम उठाया। उसने यह बात किसी को बताने पर महिला के बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी।
विशेष न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए पाया कि आरोपी ने शुरुआत से ही महिला को धोखा देने की योजना बनाई थी। इसी आधार पर मोहम्मद अकरम को 10 साल की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई गई है।







