10वीं की छात्रा बनी मां, कहा—‘भूत ने किया बलात्कार’; पुलिस ने खारिज किया दावा

पन्ना।मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक हैरतअंगेज़ मामला सामने आया है, जिसमें एक नाबालिग छात्रा ने दावा किया है कि वह किसी इंसान से नहीं, बल्कि “भूत” से गर्भवती हुई है। इस घटना ने समाज में व्याप्त अंधविश्वास और अपराध को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
सिंहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम शिवराजपुर निवासी 10वीं कक्षा की छात्रा हाल ही में पन्ना जिले के देवेंद्रनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के लिए पहुंची थी। वहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। अस्पताल में जब उससे पति का नाम पूछा गया तो उसने “पिता” का नाम दर्ज कराया, जिससे स्टाफ चौंक उठा।
*छात्रा का दावा: जिन्न ने किया बलात्कार*
छात्रा ने स्वास्थ्यकर्मियों को बताया कि किसी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि एक “जिन्न” ने उसके साथ जबरन संबंध बनाए थे। यही नहीं, उसने कहा कि वह पिछले कई महीनों से इसी आत्मा से परेशान थी। वह उसके सपनों में आता था और उसे अपने वश में कर लेता था।
*परिजन भी मानते हैं ‘भूत-प्रेत’ की बात*
छात्रा के परिवार ने भी उसकी बात का समर्थन करते हुए बताया कि उन्होंने उसे कई बार तांत्रिकों के पास ले जाकर झाड़-फूंक कराई, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। परिजनों का दावा है कि लड़की पर प्रेत बाधा का साया है।
*पुलिस का कहना: सच्चाई से भागने की कोशिश*
इस पूरे मामले में सतना पुलिस ने लड़की के बयान को अंधविश्वास पर आधारित बताते हुए सख्ती से खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि यह दावा सच्चाई छुपाने और असली दोषी को बचाने की कोशिश हो सकता है।
पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज कर मेडिकल परीक्षण कराया है और पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही डीएनए जांच भी कराई जाएगी ताकि नवजात के पिता की पहचान हो सके।
*सामाजिक चिंता और कानून का सवाल*
यह घटना न सिर्फ एक जघन्य अपराध की आशंका को जन्म देती है, बल्कि यह समाज में फैले अंधविश्वास, नाबालिगों की सुरक्षा और लैंगिक अपराधों के प्रति उदासीनता को भी उजागर करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में बाल मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता दोनों की अहम भूमिका होती है। जरूरत इस बात की है कि सच्चाई को सामने लाया जाए, न कि भूत-प्रेत की कहानियों में असलियत को दबा दिया जाए।







