कटनीजबलपुरमध्य प्रदेश

हड़ताल : पंपों पर पेट्रोल के लिए उमड़ रही भीड़, सब्जियों के दाम आसमान पर

हिट एंड रन कानून के विरोध में ड्रायवरों की हड़ताल का व्यापक असर, न्यू ईयर के पहले दिन ही शहर हुआ हलाकान

बसें बंद होने से आवागमन में आमजन को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा

कटनी, यशभारत। केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए हिट एंड रन कानून के विरोध में देश भर के ड्रायवरों की हड़ताल का शहर में व्यापक असर देखा गया। पंपों में नो-स्टाक का बोर्ड सुबह से लेकर रात तक लटका रहा। पेट्रोल नहीं मिलने की वजह से लोगों को अपने वाहन खड़े करते हुए पैदल ही चलना पड़ा। कल 1 जनवरी को वैसे तो नया साल का पहला दिन था, लेकिन लोग पूरे दिन पेट्रोल के ही जुगाड़ में ही लगे रहे। लोग एक दूसरे से यही पता लगाते रहे कि किस पंप पर पेट्रोल मिल रहा है, जिन पंपों पर पेट्रोल मिल रहा था, वहां लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ट्रक चालकों की हड़ताल की वजह से सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। कुछ दिन पहले 10 रूपए किलो बिकने वाला टमाटर आज 50 रूपए किलो तक पहुंच गया है। उधर आटो चालकों की हड़ताल की वजह से लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ी। खासकर रेलवे स्टेशन में यात्री दिन भर परेशान होते रहे। ई-रिक्शा से उनकी परेशानियां कुछ कम हुई, हालांकि आटो चालकों की हड़ताल की वजह से शहर का यातायात सुगमता से संचालित होता रहा। इस दौरान शहर की सडक़ें सूनी नजर आई। कहीं पर जाम की स्थिति निर्मित नहीं हुई। रेलवे स्टेशन पर बाहर से आए यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है, हालांकि सिटी बस चलने से समस्या कुछ कम हुई है लेकिन इसके बाद भी अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लोग परेशान हो रहे हैं। घर तक पहुंचने के लिए ऑटो नहीं मिल पा रहा है।

बसों के पहिए थमे, परेशान हो रहे लोग
केन्द्र सरकार के इस नए कानून के विरोध में कटनी बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन की भी हड़ताल चल रही है। हड़ताल के दूसरे दिन प्रियदर्शिनी बस स्टेंड में सन्नाटा पसरा रहा। यहां से न तो बसें कहीं जा रही हैं और न ही आ रही है। बस आपरेटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शुभ प्रकाश मिश्र ने बताया कि कटनी के अलावा अन्य किसी भी शहर से कोई भी बस नहीं आ रही है। बसों की हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। श्री मिश्रा ने बताय कि हड़ताल की वजह से जिले भर में करीब 300 बसों का संचालन बंद हो गया है। बसें बंद होने के कारण आवागमन में आमजन को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच ऑटो व ई-रिक्शा चालकों ने भी अचानक हड़ताल कर शहरवासियों की समस्या और बढ़ा दी है।

पेट्रोल खत्म, वाहन पैदल लेकर घूमे
शहर में अधिकांश पेट्रोल पंपों पर कतार नजर आई। कुछ पेट्रोलपंपों ने स्टॉक होने के बावजूद भीड़ अधिक होने के कारण पेट्रोल-डीजल का विक्रय बंद कर दिया, जिसके चलते लोग परेशान हुए। पेट्रोल नहीं मिलने से कई वाहन चालक पैदल गाडिय़ां धकेलकर लेकर जाते नजर आए तो कई हाथ में पेट्रोल के लिए बोतल लेकर भटकते रहे।

न्यू ईयर के पहले दिन हलाकान हुआ शहर
नये हिट एंड रन कानून के विरोध में ड्राइवरों की हड़ताल की वजह से न्यू ईयर के पहले दिन पूरा शहर हलाकान दिखा। एक लीटर पेट्रोल के लिए लोगों को परेशान होते देखा गया। पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों की कतार लगी रही। कुछ पेट्रोलपंपों पर स्टॉक खत्म होने की सूचना भी चस्पा की गई। पंप संचालकों ने बताया कि हड़ताली ड्राइवरों द्वारा जगह-जगह वाहन रोककर वाहन चालकों को जबरन उतार लिया जाता है, जिसके चलते पेट्रोल-डीजल के टैंकर नहीं पहुंच पा रहे हैं और किल्लत हो गई है।

कलेक्ट्रेट कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित
पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस एजेंसियों के संचालकों की ट्रांसपोर्टेशन में आ रही समस्याओं के निराकरण के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जो कि सातों दिन 24 घंटे काम करेगा। जिसका दूरभाष नंबर 07622-220071 और 07622-220072 है।

ये है नया कानून और इसलिए हो रही हड़ताल
केंद्र सरकार द्वारा सडक़ हादसों पर नियंत्रण करने के लिए हिट एंड रन कानून में बदलाव किया जा रहा है। ड्राइवर इस कानून को लाने का विरोध कर रहे हैं। दरअसल इंडियन पीनल कोड 2023 में हुए संशोधन के बाद एक्सीडेंट होने पर ड्राइवर को 10 साल की सजा और 7 लाख के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। हिट एंड रन मामले को आईपीसी की धारा 279 लापरवाही से वाहन चलाना, 304 लापरवाही के कारण मौत और 338 जान जोखिम में डालना के तहत केस दर्ज किया जाता है। इसमें दो साल की सजा का प्रावधान है। विशेष केस में आईपीसी की धारा 302 भी जोड़ दी जाती है। संशोधन के बाद सेक्शन 104-2 के तहत हिट एंड रन की घटना के बाद यदि कोई आरोपी घटनास्थल से भाग जाता है। पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचित नहीं करता है, तो उसे 10 साल तक की सजा भुगतनी होगी और जुर्माना देना होगा। ड्राइवरों का कहना है कि कोई जान बूझकर एक्सीडेंट नहीं करता। यदि हादसे के बाद चालक मौके पर रहता है, तो आक्रोशित भीड़ और घायल के परिजन उसे पीट-पीटकर मार डालेंगे।

टैंकर्स एसोसिएशन की हड़ताल जारी
बताया जाता है कि टैंकर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता तीसरे दिन भी शहपुरा-भिटौनी में हड़ताल पर बैठे रहे। उन्होंने हिट एंड रन के नए कानून को अव्यवहारिक बताया है। जिसमें घायल को अस्पताल नहीं पहुंचाने सहित अन्य स्थितियों में कड़े दंड और जुर्माने का प्रावधान है। एसोसिएशन के प्रदर्शन और हड़ताल के कारण जबलपुर-भोपाल मार्ग पर टैंकर्स की कतार लगी हुई है।

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