सोने के बाद मिला कोयले का भंडार, जीएसआई की टीम पहुंची, लुहरवारा में उमड़ार नदी के किनारे काला सोना होने की पुष्टि की प्रशासन ने, क्वालिटी और क्षेत्रफल की जांच में जुटे अधिकारी

कटनी, यशभारत। खनिज का गढ़ कहे जाने वाले कटनी में सोने की खदान के बाद अब कोयले का अकूत भंडार मिला है। बड़वारा के अंतर्गत लोहरवारा के पास उमड़ार नदी के किनारे बड़ी मात्रा में कोयला निकलने की खबर के बाद कटनी से लेकर राजधानी तक हलचल मच गई। कोयला निकलने की खबर के बाद प्रशासन हरकत में आया। भोपाल से निर्देश मिलने के बाद अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की और कोयला निकलने की पुष्टि की। खनिज विभाग के उप संचालक रत्नेश दीक्षित की मानें तो उन्हें भी जानकारी लगी थी कि ग्राम पंचायत लोहरवारा की उमरार नदी से लगी रेत खदान के कुछ हिस्सों में कोयले का बड़ा भंडार है, जहां स्थानीय लोगों कोयले का अवैध उत्खनन करते हुए बोरियों और ट्रैक्टर ट्राली से परिवहन कर रहे है।
जीएसआई व खनिज विभाग की टीम ने किया सर्वे
सूचना पर शनिवार को भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण जीएसआई व खनिज विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्वे किया। संयुक्त दल में क्षेत्रीय प्रमुख क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर संजय धोपेश्वर, सहायक भौमिकीविद अनिल चौधरी, डॉ. रत्नेश दीक्षित उप संचालक खनिज, सहायक खनिज अधिकारी पवन कुशवाहा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। यहां पर ढाई घंटे तक सर्वे किया। यहां से कोयले के नमूने एकत्रित किए गए हैं। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने कोयले को लेकर काफी अच्छे संकेत पाए हैं। कोयले के नमूने भी जांच के लिए गए हैं। अब यह देखा जा रहा है कि कितनी गहराई व क्षेत्रफल में यह पत्थर है, इसको देखा जा रहा है।
हाई क्वालिटी का कोयला
उमड़ार नदी के किनारे स्थित एक रेत खदान में खनन कार्य के दौरान अचानक पत्थर जैसा काला पदार्थ निकलने लगा। जब ग्रामीणों को यह जानकारी मिली कि यह उच्च गुणवत्ता वाला कोयला हो सकता है, तो मौके पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही ग्रामीण बोरियों और साइकिलों पर कोयला भरकर ले जाते नजर आए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और खनिज विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। यदि सर्वे रिपोर्ट सकारात्मक रहती है और यहां बड़ी कोल खदान विकसित होती है, तो इससे न केवल कटनी बल्कि पूरे मध्यप्रदेश को बड़ा राजस्व लाभ मिलेगा। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। बिटूमिनस ग्रेड थर्मल कोयला पाया गया है। उमरिया जिला से लगा हुआ बरही क्षेत्र होने के कारण यहां तक कोयला की संभावना पाई गई है। आधा मीटर से उपर डेढ़ से दो फीट का एक्सपोजर दिख रहा है। कितना कोयला है, कितनी मात्रा में कोयला है, इसका पता संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म डायरेक्टर जियोलॉजियन माइनिंग विभाग सर्वे करेगा। माइनिंग हो सकती है कि नहीं, कितने लेवल कोयले की सीम कितनी है यह देखा जाएगा। ड्रिलिंग करके परीक्षण किया जाएगा। इकोनॉमिकल माइनिंग हो सकती है की नहीं यह देखा जाएगा। खजिन विभाग क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी।
प्रमुख सचिव खनिज साधन ने दिए निर्देश
प्रमुख सचिव खनिज साधन विभाग उमाकांत उमराव और खनिज संचालक फ्रेेंक नोबेल द्वारा नवीन खनिजों के ब्लॉक चिन्हांकित कर नीलामी के लिए तैयार करने के निर्देश जारी किए गए, जिसके तारतम्य में जिला स्तरीय प्री ऑक्सन कमेटी में कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा खनिज अमले को तकनीकी दल के साथ कार्ययोजना बनाने के निर्देशों के पालन में शनिवार को क्षेत्रीय प्रमुख भौमिकी तथा खनिकर्म जबलपुर की अगुवाई में खनिज टीम द्वारा बड़वारा तहसील अंतर्गत ग्राम लुहारवारा का संयुक्त रूप से सर्वे के दौरान कोयला सीम मिलने की पुष्टि हुई है ।
खनिज की गहराई में मौजूदगी की होगी पहचान
उमरार नदी के कटाव के कारण कोयले की सीम एक्सपोज्ड पाई गई, जिसमे दल द्वारा अलग अलग स्थानों से कोल खनिज के सैंपल एकत्रित किए गए। प्रथम दृष्टया कोल खनिज मिलने और विस्तारण की उपलब्धता क्षेत्र में पाई गई है। सैंपल एनालिसिस के बाद कोयले की ग्रेड का निर्धारण किया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में और खनिज की गहराई में मौजूदगी की पहचान सर्वेक्षण करके पता लगाने की कार्यवाही की जाएगी। कोयला मिलने से जिले में नई कोयला खदान बनने की दिशा में बल मिला है ।इस संयुक्त दल ने इसके अलावा बड़ेरा क्षेत्र से भी आयरन ओर के सैंपल एकत्रित किए है। भविष्य में इन स्थलों को सर्वे टीम द्वारा बारीकी से खंगाला जाएगा।
क्या कहते है अधिकारी
जिले में कोयले का भंडार मिलने की जानकारी उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दी गई है। अब कुछ दिनों में कटनी खनिज विभाग और टीम भेजकर सैंपलिंग लेते हुए सर्वे की प्रक्रिया शुरू करवाई जाएगी ताकि पता चल सके कि कोयला भंडार का अनुमानित क्षेत्र कितना है और किस क्वालिटी का है अगर सब कुछ बेहतर रहा तो निश्चित ही जिले में एक बड़ी कोल खदान होगी। जिससे कटनी समेत मध्यप्रदेश शासन को बड़ा राजस्व मिलेगा इसके साथ ही क्षेत्रवासियों को रोजगार मिलना शुरू हो जाएगा।
-रत्नेश दीक्षित, जिला खनिज अधिकारी







