सावधान ख़तरे में है ! सफ़र…
कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बावजूद नहीं सुधरे हालात, सड़क पर बैठे मवेशी बन रहे हादसों की वजह

सावधान ख़तरे में है ! सफ़र…
एनएच-43 और एनएच-30 पर मवेशियों का जमावड़ा
कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बावजूद नहीं सुधरे हालात, सड़क पर बैठे मवेशी बन रहे हादसों की वजह

कटनी,यशभारत। जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-43 और राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर मवेशियों का जमावड़ा वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। दोनों हाईवे पर कई स्थानों पर मवेशियों के सड़क पर बैठने और अचानक वाहनों के सामने आने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि लगातार सामने आ रही घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
कलेक्टर ने पूर्व में हाईवे पर मवेशियों के जमावड़े को रोकने और उन्हें सड़क से हटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे। इसके बावजूद एनएच-43 और एनएच-30 पर स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं आया है। हाईवे पर बैठे मवेशियों के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने या दिशा बदलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
एनएच-43 पर मंझगवां-बड़वारा के बीच सड़क पर मवेशियों के बड़े झुंड का वीडियो भी सामने आया है। पथरा गांव के पास सड़क पर अचानक गाय आने से बाइक टकराने की घटना में सुजीत सिंह घायल हुए, जबकि गाय की मौत हो गई। छघरा के पास गाय को बचाने के प्रयास में ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें चालक और परिचालक घायल हुए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर मवेशियों का जमावड़ा केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि सीधे तौर पर लोगों की जान से जुड़ा मामला है। दोनों राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित निगरानी, मवेशियों को हटाने और उनके मालिकों पर कार्रवाई की जरूरत है। नागरिकों ने एनएचएआई और जिला प्रशासन से संयुक्त अभियान चलाकर दोनों हाईवे को मवेशियों के जमावड़े से मुक्त कराने की मांग की है।







