सागर की पूर्व प्राचार्य के खिलाफ आर्थिक अनियमितताओं के आरोप : 2 सदस्यीय जांच कमेटी ने उच्च कार्यालय क़ो सौंपी रिपोर्ट

सागर यश भारत/ राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा गठित जांच समिति ने सागर के शासकीय कला एवं वाणिज्य नोडल कॉलेज की पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर सरोज गुप्ता के खिलाफ आर्थिक अनियमितताओं के लगे आरोपों की जांच का काम पूरा कर लिया गया है।
इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव अनुपम राजन के निर्देश पर बनी 2 सदस्यीय जांच कमेटी ने जांच से संबंधित दस्तावेज तथ्यों एवं साक्ष्यों को इकट्ठा कर अपनी रिपोर्ट एवं निष्कर्ष उच्च कार्यालय को सौंप दिए हैं।
आर्थिक अनियमितताओं सहित शासन के आरक्षण रोस्टर नियमों को रौंदकर अनुकंपा नियुक्ति के मामले में सामान्य पद पर ओबीसी अभ्यर्थी को नियुक्ति देने, जनभागीदारी फंड का निजी कार्यक्रमों व खरीदी में दुरुपयोग करने जैसे आर्थिक अनियमितताओं, के कई आरोप थे। उक्त आरोपों को संज्ञान में लेते हुए प्रमुख सचिव अनुपम राजन ने दो सदस्यी जांच समिति गठित कर एक सप्ताह में जांच पूरी कर निष्कर्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
प्रमुख सचिव के आदेश के पालन में गठित जांच समिति के संयोजक तथा पीएम एक्सीलेंस कॉलेज मकरोनिया बुजुर्ग के प्राचार्य अमर चंद जैन एवं सदस्य डॉ बिंदु श्रीवास्तव ने 13 बिंदुओं पर जांच प्रारंभ कर तथ्यों व साक्ष्यों समेत अपनी विस्तृत रिपोर्ट व निष्कर्ष प्रस्तुत कर दिए है। जिस पर अब सिर्फ प्रमुख सचिव द्वारा निर्णय लिया जाना बाकी रह गया है। जिसके आधार पर विभाग द्वारा उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही सुनिश्चित हो सकेगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तथा दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर उन पर लगे सभी आरोपों की पुष्टि होने की जानकारी मिली है।







