शहर अध्यक्ष के लिए भी दावेदारों की फेहरिस्त मैं बड़े -बड़े नाम, केंद्रीय पर्यवेक्षक की उपस्थिति में तीन विधानसभा क्षेत्र के लिए हुई रायशुमारी और चर्चा

जबलपुर यश भारत। अखिल भारतीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और और वर्तमान में लोकसभा मै नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के द्वारा शुरू किए गए संगठन सृजन अभियान के तहत रविवार को शहर के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए गुरदीप सिंह सप्पल की उपस्थिति में शहर के तीन विधानसभा क्षेत्र पश्चिम उत्तरमध्य और कैंट विधानसभा के लिए बैठक आयोजित हुई। इन बैठकों में अजय सिंह राहुल पुष्पराज पटेल और आर के दोगने भी मौजूद रहे। इन बैठको
में क्षेत्रीय वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी के साथ ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। पूर्व विधानसभा क्षेत्र की बैठक सोमवार को आयोजित होगी जिसमें यहां के नेताओं और कार्यकर्ताओं से रायशुमारी और चर्चा की जाएगी। केंद्रीय पर्यवेक्षक ने लोगों के साथ वन टू वन चर्चा भी की। इसके अलावा विश्राम गृह
में भी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता उनसे मिलने के लिए पहुंचे। रविवार को आयोजित हुई बैडकों एक बात तो स्पष्ट हो गई है कि शहर अध्यक्ष के लिए दावेदारों की लंबी सूची है जिनमें पूर्व विधायक से लेकर पूर्व प्रत्याशी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी शामिल हैं। इसके अलावा कुछ पूर्व पार्षद के नाम भी दावेदारों में शामिल हैं। सूत्रों के हवाले से तीन बैठकों के बाद जो नाम उभरकर सामने आ रहे हैं उनमें पूर्व विधायक विनय सक्सेना, वरिष्ठ नेता रमेश चौधरी, आलोक मिश्रा, बाबू विश्व मोहन, अभिषेक चौकसे, झल्लेलाल जैन, अनुराग गढ़वाल, राकेश सैनी, सतीश तिवारी, राजेश यादव, विवेक अवस्थी जैसे नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं वहीं वर्तमान शहर अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा भी दोबारा अपनी दावेदारी कैसे कर रहे हैं। नाम की संख्या अभी और बढ़ने की संभावना है। रविवार को बड़ी संख्या में दावेदारों के समर्थकौ ने दिन में बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस नेता और महिला कार्यकर्ताओं ने भी पर्यवेक्षकों से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा और चर्चा की। आज की बैठकों में जो वरिष्ठ नेता मौजूद रहे उनमें मदन तिवारी के साथ ही पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक लखन घनघोरिया, पूर्व मंत्री तरुण भनोट, अभिषेक चौकसे चिंटू, कदीर सोनी जैसी नेताओं के साथ ही शहर अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा और ग्रामीण अध्यक्ष निलेश जैन आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। इसके अलावा अलग-अलग वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विश्राम गृह पहुंचकर मुलाकात की। अभी सोमवार को एक विधानसभा की बैठक होना और बाकी है।







