वेटरनरी में दो दिवसीय उद्यमी- शिक्षाविद सम्मेलन कैसे पशुपालन को और आगे बढ़ाया जाए इस पर चिंतन करें

नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में कुलपति डॉ सीता प्रसाद तिवारी के कुशल नेतृत्व द्वारा दो दिवसीय उद्यमी- शिक्षाविद सम्मेलन के दूसरे दिन का कार्यंक्रम होटल कल्चुरी के बंधन सभागृह में संपन्न हुआ। इस दिन सभी बाहर से आए उद्यमी एल्यूमीनाई का स्वागत तथा उनका सम्मान प्रतीक चिन्ह तथा प्रमाण पत्र मंचासीन कुलपति, डॉ.आर.के. जयसवाल उद्यमी छत्तीसगढ़ से, डॉ. एम. के. मेहता, डॉ. श्रीकांत जोशी द्वारा किया गया। उक्त कार्यक्रम में पशु चिकित्सा महाविद्यालय के सत्र 1984 से 2011 तक के पूर्व छात्र शामिल हुए। इस सम्मेलन का आयोजन मुख्य रूप से छात्र-छात्राओं के हितार्थ किया गया । जिससे वे सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं अपितु अपने ज्ञान के माध्यम से उद्यमिता के श्रेत्र में भी सफलता हासिल करें। उपस्थित सभी भूतपूर्व छात्र सफल उद्यमी हैं जिन्होंने वेटरनरी के क्षेत्र में अपने से जुड़े व्यवसाय क्षेत्र में अपूर्व सफलता प्राप्त की है और यह सभी हमारे विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है । खुले मंच पर सभी उपस्थित जनों ने अपने विचार रखें कि कैसे पशुपालन को और आगे बढ़ाया जाए, किस तरह छात्र छात्राओ की शिक्षा पूर्ण होने के उपरांत वह स्वयं अपना व्यवसाय चालू कर सकते हैं तथा पशु पालकों की समस्याओं को किस तरह सुलझाया जा सकता है।
आज के परिवेश में तकनीकि शिक्षा का भरपूर फायदा हम अपने अनुसंधान तथा इंडस्ट्री के माध्यम से उठाकर एक सफल मुकाम पर पहुंच सकते हैं। सम्मेलन में पधारे इंडियन ब्वॉयलर ग्रुप छत्तीसगढ़ के डॉक्टर जयसवाल तथा फ़ीनिक्स पोल्ट्री जबलपुर के अधिकारियों ने यह आश्वासन दिया की वे छात्र छात्राओं के परियोजना कार्य इंटर्नशिप कार्य में पूर्ण सहयोग करेंगे जिससे वे और अच्छा ज्ञान हासिल कर सके।
कैसे पशुपालकों की समस्याओं का समाधान किया जाए
कार्यक्रम में यह भी चर्चाका विषय रहा की कैसे पशुपालकों की समस्याओं का समाधान अनुसंधान द्वारा प्रयोगशाला में किया जाए तथा कैसे उसको इंडस्ट्री तक लेकर जाया जाए, जिससे व्यापक पैमाने पर किसी भी उत्पाद एवं तकनीक का लाभ मिल सके। कायज़्क्रम में कुलपति डॉक्टर सीता प्रसाद तिवारी ने सभी बाहर से आए हुए पूवज़् छात्रों का आभार व्यक्त किया कि वह इतनी संख्या में अध्यनरत छात्रों के लिए एकत्रित हुए और उद्यमिता के क्षेत्र में के सहयोग के लिए आश्वासन दिया। पधारे भूतपूवज़् छात्रों ने इस प्रकार के सम्मेलन की सराहना की और धन्यवाद दिया कि एक मंच पर सभी पुराने छात्रों को इक_ा कर एक बहुत ही उत्तम कायज़् किया है। उन्होंने माननीय कुलपति डॉ. सीता प्रसाद तिवारी, डॉ. मधु स्वामी तथा डॉक्टर वमाज़् का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया और आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में डॉ. आर के शर्मा, डॉ. सुनील नायक, डॉ. गिरधारी दास डॉ. जी.पी. लखानी, डॉ. शोभा जावरे, डॉ. आदित्य मिश्रा आदि मौजूद थे ।







