सिवनी यश भारत:-सिवनी पुलिस पर 3 करोड़ के हवाला मामले में बड़ी राशि दबाने का दाग की जांच चल रही है और आज नया दाग पुलिस कर्मी पर लग गया जहां जिले के केवलारी थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक मनीष पटवा को जबलपुर लोकायुक्त ने केवलारी थाना परिसर में 75 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
शिकायतकर्ता नितिन पाटकर के अनुसार प्रधान आरक्षक पटवा ने एक एफआईआर दर्ज करने के एवज में आवेदक नितिन पाटकर से रिश्वत मांगी थी। यह रिश्वत की दूसरी किस्त थी; पहली किस्त में वह 25 हजार रुपये पहले ही ले चुका था।
नितिन पाटकर सिविल ठेकेदार है जिसने 8 अक्टूबर को केवलारी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पेटी ठेकेदार राय कंस्ट्रक्शन के राहुल राय पर 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी और सीसी सड़क के घटिया निर्माण का आरोप लगाया था।जिसमे प्रधान आरक्षक मनीष पटवा द्वारा राहुल राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। इसकी शिकायत जबलपुर लोकायुक्त में की,जिसके बाद आज लोकायुक्त टीम ने दबिश दी। आरोपित प्रधान आरक्षक मनीष पटवा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018 की धारा-7, 13(1)B, 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। कार्रवाई दल में निरीक्षक उमा कुशवाहा, राहुल गजभिए, जितेंद्र यादव, बृजकिशोर नरवरिया सहित लोकायुक्त जबलपुर का बल शामिल था।
जानकारी के अनुसार, नितिन पाटकर ने नगर परिषद केवलारी में सीसी रोड और नाली निर्माण का ठेका लिया था, जिसका काम उन्होंने पेटी ठेकेदार राहुल राय को दिया था। पाटकर का आरोप है कि राहुल राय ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया और पैसों की धोखाधड़ी भी की।
पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। लोकायुक्त दल अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि इस भ्रष्टाचार के मामले में अन्य लोग तो संलिप्त नहीं हैं।
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