दमोह।जिले में संचालित रैन-बसेरों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बीती रात अचानक निरीक्षण किया। प्रशासन की ओर से गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए संचालित किए जा रहे ये रैन-बसेरे कितनी जिम्मेदारी से चल रहे हैं, इसका आकलन करने के लिए कलेक्टर का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। उन्होंने पाया कि रैन-बसेरों में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है,लोगों को अंदर आने तक की अनुमति सही तरीके से नहीं दी जाती,जरूरतमंदों को आश्रय देने के उद्देश्य से बनाई गई ये व्यवस्था कागजों तक सीमित दिखाई दे रही थी।
दमोह शहर में फिलहाल दो रैन-बसेरा संचालित हैं, जिन्हें आमजन के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक आश्रय के रूप में बनाया गया है, लेकिन अचानक पहुंचे कलेक्टर कोचर के सामने यहां की जमीनी सच्चाई खुलकर सामने आ गई।
स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने मौके पर ही संबंधित कर्मचारियों को निलंबित (सस्पेंड) करने के आदेश दे दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रैन-बसेरों को मात्र औपचारिकता के रूप में नहीं, बल्कि जनता की सुविधा के केंद्र के रूप में संचालित किया जाए।
कलेक्टर ने कहा,
“हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम लोगों के वास्तव में काम आएं। रैन-बसेरों को जरूरतमंदों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और उपयोगी बनाया जाए। लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
कलेक्टर के इस सख्त कदम के बाद जिले में रैन-बसेरों की व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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