जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य

राजनीति में बिगड़ते बोलों से माहौल में उफान : कांग्रेस ने मीडिया के माध्यम से प्रदेश भर में भाजपा और सरकार के खिलाफ हल्ला बोला 

सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ प्रदेश की राजनीति में लगातार रूप से बिगड़ते बोलों से माहौल में उफान आया हुआ है। प्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद पटेल द्वारा जनता को भिखारी कहे जाने और उनके बाद छिंदवाड़ा सांसद बंटी साहू द्वारा कमलनाथ को लेकर दिए बयान के बाद कांग्रेस पार्टी सरकार और भाजपा पर हमलावर हो गई है। इसे लेकर कांग्रेस ने लगातार विरोध दर्ज करने की रणनीति बनाकर हमले शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में आज प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर एक साथ पत्रकार वार्ता कर भाजपा और सरकार पर जमीनी स्तर पर हमले किए जाने का दौर चलता रहा।

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता व सागर प्रभारी भूपेन्द्र गुप्ता ने आज इन्हीं मुद्दों को लेकर संभागीय मुख्यालय सागर में पत्रकारवार्ता को संबोधित किया। उन्होंने प्रदेश में भाजपा सरकार के जिम्मेदार मंत्री प्रहलाद पटेल द्वारा प्रदेश की जनता को भिखारी कहे जाने पर सवाल उठाते हुये सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता को भगवान बताकर वोटे बटोरने वाली भाजपा सरकार अब महिलाओं, बुजुर्गों, किसानों, युवाओं, विद्यार्थियों और दिव्यांगजनों को भिखारी बता रही है। इस दौरान जिला ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष व पूर्व सांसद डॉ आनंद अहिरवार, प्रदेश कांग्रेस महासचिव रेखा चौधरी, पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी, शहर कांग्रेस प्रवक्ता आशीष ज्योतिषी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि जब प्रदेश की 1 करोड़ 29 लाख बहनों ने अपनी मेहनत की कमाई पर अधिकार मांगा, तो सरकार में बैठे पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रह्लाद पटेल और उनकी पार्टी ने उन्हें भिखमंगा कहकर अपमानित किया। क्या महिलाओं को उनके अधिकार मांगने पर अपमानित किया जाएगा? मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री प्रहलाद पटेल बताये कि भाजपा सरकार ने यदि प्रदेश को विकसित बना दिया होता तो टोकना भर-भर कर आवेदन लेकर जनता उनके सामने अपना हक और अधिकार मांगने के लिए क्यों ले जाती?

गुप्ता ने कहा की प्रदेश में जब रोज बेटियों की इज्जत तार हो रही हो मुख्यमंत्री निवास से आधा किलोमीटर भी नहीं रविंद्र भवन जैसे सार्वजनिक स्थानों में भाजपा के लोग मुंह काला कर रहे हो तब प्रदेश की बेटियां न्याय मांगने किसके पास जाएं और अगर वह न्याय मांगे तो भिखारी कहलाए सत्ता पाने के लिए लाडली बहन और सत्ता में आते ही भिखारी कहना यही बीजेपी का चरित्र है।

 

सत्ता पाने के लिए लाड़ली बहना योजना के तहत 3000 रूपये देने का वादा करने वाली भाजपा ने लालच देकर उन्हें पहले 1000 रूपये दिये, 1,250 रू. दिए, और अब धीरे धीरे योजना से अपात्र बताकर महिलाओं को वंचित किया जा रहा है, उनका भविष्य अंधकार में डुबोया जा रहा है। महंगाई और बेरोजगारी के कारण महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन भाजपा सरकार उन्हें ‘भिखारी’ बताकर उनका मनोबल तोड़ने में लगी है।

गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बर्बादी की कगार पर है, अस्पतालों में न तो डॉक्टर हैं और न दवाएं तक नहीं। मरीजों को इलाज नहीं मिलने के कारण वह परेशान होकर दम तोड़ रहे हैं। इलाज के लिए दर-दर भटक रहें हैं। इतना ही नहीं अस्पतालों में दवाओं की भारी कमी के चलते मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगे इलाज के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तो डॉक्टर भी चिल्ला चिल्ला कर कह रहे हैं की सरकारी अस्पतालों में दबायें अमानक हैं और उनसे इलाज नहीं किया जा सकता। भोपाल में तो डॉक्टर ने ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया ऐसी स्थिति में गरीब जनता इलाज के लिए दर-दर भटक रही है, लेकिन जब सरकार से जनता अपनी परेशानियों के लिए आवेदन देती है तो बीजेपी के नेता उसी जनता को भिखारी कहते हुये उनका अपमान करते है।

यह वही भाजपा है जो वोट के लिए 15 लाख देने का वादा करती है और सत्ता आने पर जुमला बताती है,जनता को भिखारी बताती है।  सत्ता के अहंकार में इतनी चर्बी चढ़ गई है कि जनता उन्हें भिखारी लगने लगी है।

प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। बीते चार साल से छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिली। सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी के चलते छात्रों का भविष्य अंधकारमय है। छात्रों से भारी रकम वसूली जा रही है, लेकिन उन्हें सुविधाएं नहीं मिल रहीं है। लाखों छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिली, जिससे गरीब और जरूरतमंद छात्र उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। तो क्या शिक्षा प्राप्त करना अब भीख मांगना हो गया?

सरकार ने किसानों के लिए कोई राहत नहीं दी, किसान खाद-बीज के लिए भटक रहे हैं वे कर्ज के बोझ तले दबे हैं किसान आत्महत्या तक करने को मजबूर है। क्या अन्नदाताओं को उनका हक मांगना भीख मांगना कहलाएगा?

भाजपा ने किसानों से 2700 के गेहूं, 3100 धान, 6000 सोयाबीन के देने के जो वादे किये थे उनका हक मांगना क्या भीख मांगना कहलाता है?

गुप्ता ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को उनका हक नहीं मिल रहा, 4-6 महीने से वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और विकलांग पेंशन लंबित है। बीजेपी सरकार बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के अधिकारों को भीख कहकर उनका अपमान कर रही है।

बीजेपी सरकार और मंत्री प्रह्लाद पटेल जवाब दें कि वह महिलाओं को सशक्त बनाने के बजाय उनका अपमान क्यों कर रहे हैं?भारत की भाग्य विधाता जनता से माफी मांगने की बजाय कह रहे हैं भिखारी कहा है और भविष्य में भी कहते रहेंगे यह तानाशाही वृत्ति की दस्तक है।

भाजपा सरकार में गरीब, किसान, छात्र, दिव्यांग और बुजुर्गों की समस्याओं का समाधान कब होगा? भाजपा बतायेगी कि 20 साल में मध्य प्रदेश को गरीबी और भ्रष्टाचार के अलावा क्या दिया?

कांग्रेस पार्टी बीजेपी सरकार के इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगी। जनता के हक और अधिकारों के लिए कांग्रेस पार्टी निणार्यक लड़ाई लड़ेगी।

कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार के खिलाफ जंगी प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटले के इस्तीफे की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री प्रहलाद पटेल प्रदेश की जनता से माफी मांगें।

महिलाओं, गरीबों, किसानों, छात्रों और बुजुर्गों को उनका हक नहीं मिला तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।

पत्रकार वार्ता के दौरान वरिष्ठ नेता प्रदीप पप्पू गुप्ता, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल चौबे, सेवादल अध्यक्ष महेश जाटव, अनुसूचित जाति विभाग अध्यक्ष वीरेंद्र राजे, वरिष्ठ नेता मुकुल पुरोहित, राजकुमार धनौरा, ओमप्रकाश पंडा अशफाक खान (खुरई) हीरालाल चौधरी, पूर्व पार्षद भैयन पटेल आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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