सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ जिले के रहली थाना क्षेत्र के अंतर्गत टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में दो दिन पूर्व मिली एक युवक की लावारिश लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी। सागर पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए एक ऐसी खौफनाक सच्चाई का पर्दाफाश किया है, जिसने रिश्तों और भरोसे को तार-तार कर दिया है। मृतक की शिनाख्त सागर के बाईसा मोहल्ला निवासी विकास सिंह राजपूत के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि विकास की हत्या किसी पेशेवर अपराधी ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी ही पूर्व प्रेमिका ने अपने नए प्रेमी और एक दोस्त के साथ मिलकर बड़ी बेरहमी से की थी।
पुलिस द्वारा की गई विस्तृत जांच के अनुसार बाईसा मोहल्ला निवासी विकास सिंह राजपूत का मेघा अहिरवार नाम की युवती के साथ लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी बीच मेघा की सरकारी नौकरी दमोह जिले में लग गई। दमोह में रहने के दौरान मेघा के जीवन में अजय यादव नाम के एक अन्य युवक का प्रवेश हुआ और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। इस नई परिस्थिति ने विकास और मेघा के पुराने रिश्तों में कड़वाहट पैदा कर दी लेकिन विकास अपनी मोहब्बत को छोड़ने को तैयार नहीं था।
शादी की जिद बनी विकास की मौत का फरमान
विकास सिंह राजपूत लगातार मेघा पर शादी के लिए दबाव बना रहा था और उसे अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाना चाहता था। मेघा अब विकास से पीछा छुड़ाना चाहती थी इसलिए उसने यह बात अपने नए प्रेमी अजय यादव को बताई। विकास का शादी के लिए बार-बार कहना ही उसकी मौत की वजह बन गया। मेघा और अजय ने मिलकर विकास को रास्ते से हटाने का मन बना लिया और इस खूनी साजिश में अपने एक अन्य दोस्त को भी शामिल कर लिया।
साजिश के मुताबिक आरोपियों ने विकास को बातचीत के बहाने रहली थाना क्षेत्र के टाइगर रिजर्व (वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व) के सुनसान और घने जंगली इलाके में बुलाया। विकास अपनी प्रेमिका पर भरोसा कर वहां पहुँच गया, लेकिन उसे क्या पता था कि वह अपनी मौत के करीब जा रहा है। वहां पहले से घात लगाकर बैठे मेघा, अजय और उनके साथी ने विकास पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उन्होंने शव को बफर जोन की झाड़ियों में फेंक दिया, ताकि इसे जंगली जानवरों का हमला या कोई लावारिस हादसा माना जाए।
सागर के एडिशनल एसपी लोकेश कुमार सिन्हा ने यश भारत के संभागीय ब्यूरो को बताया कि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दबोचा है। उन्होंने बताया कि रहली के जंगल में विकास सिंह राजपूत का शव मिलने के बाद मामला पूरी तरह उलझा हुआ था। हमारी टीम और साइबर सेल ने जब विकास के संपर्क सूत्रों और मोबाइल लोकेशन की जांच की, तो संदेही मेघा अहिरवार और अजय यादव की भूमिका संदिग्ध पाई गई। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने कबूल किया कि शादी के दबाव से छुटकारा पाने के लिए उन्होंने मिलकर विकास की हत्या की है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और हत्या में प्रयुक्त सामग्री भी बरामद कर ली गई है।
पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही विकास का शव सागर के बाईसा मोहल्ले पहुँचा, पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय नागरिकों ने सागर पुलिस और एडिशनल एसपी लोकेश कुमार सिन्हा की तत्परता की सराहना की है, जिन्होंने महज 48 घंटों के भीतर इस अंधे कत्ल का खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।
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