दमोह। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दमोह जिले के दौरे के दौरान विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इन घोषणाओं में पर्यटन, सिंचाई, खेल, आधारभूत संरचना और धार्मिक-सांस्कृतिक विकास को प्राथमिकता दी गई है।
नौरादेही अभयारण्य में आएंगे चीते
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जून 2026 से पहले नौरादेही अभयारण्य (सागर-दमोह) में चीते लाए जाएंगे। इससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
गीता भवन के लिए 2 करोड़
दमोह में गीता भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई। यहां लाइब्रेरी, सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजन तथा बच्चों के अध्ययन की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
600 करोड़ की सिंचाई योजना
व्यारमा नदी से पानी लिफ्ट कर बांदकपुर-सेमरखो जलाशय की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके बाद पुनः लिफ्ट कर दमोह विधानसभा के 33 गांवों की 14 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा देने हेतु 600 करोड़ रुपये की घोषणा की गई।
नई जिला जेल के लिए 70 करोड़
दमोह जेल की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए नवीन जिला जेल (रीडेंसिफिकेशन योजना) के अंतर्गत 70 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
खेल सुविधाओं का विस्तार
तेंदूखेड़ा में खेल स्टेडियम के उन्नयन और मरम्मत सहित निर्माण की घोषणा। हटा में भी नए स्टेडियम निर्माण की घोषणा।
धुनय धाम सिंचाई परियोजना
धुनय धाम सिंचाई परियोजना के परीक्षण के बाद इसे लागू करने की घोषणा की गई।
पर्यटन को बढ़ावा
दमोह के राजनगर तालाब में बोट क्लब की स्थापना।सीतानगर बांध और सतधरू बांध पर पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने की योजना।
व्यारमा नदी पर 10 करोड़ रुपये से वाटर स्पोर्ट्स, बोट क्लब और अन्य निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
फोरलेन सड़क का विस्तार
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जबलपुर से सागर तक फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जाएगा, जिसमें नोहटा को भी जोड़ा जाएगा।
नोहटा बनेगा नगर परिषद
मुख्यमंत्री ने बताया कि एक आयोग गठित किया गया है और परीक्षण के आधार पर नोहटा को नगर परिषद बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से दमोह जिले में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। सिंचाई, पर्यटन, खेल और आधारभूत ढांचे के विस्तार से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
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