मिलावट पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, उत्तम ट्रेडर्स के तेल गोदाम एवं कारखाने पर छापा, अनियमितताएं उजागर, विभिन्न ब्रांडों के तेल की सैंपलिंग

कटनी, यशभारत। जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर मिलावट से मुक्ति अभियान के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट और मिथ्याछाप खाद्य सामग्री विक्रेताओं एवं निर्माताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के दिए निर्देश के पालन में शनिवार को कुठला स्थित उत्तम ट्रेडर्स कटनी प्रोप्राइटर अतुल सचदेवा के खाद्य तेल गोदाम और कारखाने की जांच की गई।इस दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
अनुविभागीय राजस्व अधिकारी प्रमोद चतुर्वेदी के नेतृत्व में राजस्व, खाद्य एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की संयुक्त टीम ने प्रोप्राइटर अतुल सचदेवा के प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। मौके पर कारखाने में विभिन्न खाद्य तेलों की पैकेजिंग गतिविधियां संचालित पाई गईं।
जांच के दौरान गोदाम में कई नामी ब्रांडों के भरे एवं खाली टीन और प्लास्टिक डिब्बों का भारी स्टॉक मिला। इनमें सुपरलाइट रिफाइंड कुकिंग ऑयल, केसरी पुष्प राइस ब्रान ऑयल, कली रिफाइंड ऑयल, उत्तम सोयाबीन ऑयल, यूटी उत्तम सोयाबीन, महाकोश सोयाबीन, सिक्का सरसों, दो फूल सरसों, न्यूट्रीप्लस पाम ऑयल, विश्वास राइस ब्रान ऑयल सहित अन्य ब्रांड शामिल हैं। साथ ही तुलसी, किंग्स, प्रभात, कमल फूल, जय गोल्ड और सेवन सेहत जैसे ब्रांडों के खाली डिब्बे भी बड़ी मात्रा में पाए गए। मौके पर विभिन्न ब्रांडों के स्टिकर भी बड़ी मात्रा में मिले, जिससे उत्पादों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग को लेकर संदेह की स्थिति बनी। गोदाम में बैतूल ऑयल लिमिटेड, सतना से आया लगभग 24.920 मीट्रिक टन तेल से भरा टैंकर खड़ा पाया गया, वहीं चंदिया भेजे जाने हेतु एक अन्य टैंकर भी लोड स्थिति में मिला। इसके अलावा गुरुकृपा प्लास्टिक कंपनी, सतना से खाली डिब्बों से लदी गाड़ी भी मौके पर मौजूद थी। निरीक्षण में पाया गया कि गोदाम में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। तेल की गुणवत्ता जांच हेतु कोई प्रयोगशाला या तकनीकी स्टाफ भी उपलब्ध नहीं मिला। परिसर में साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत खराब पाई गई तथा नापतौल विभाग से संबंधित स्टाम्पिंग दस्तावेज भी अनुपस्थित थे। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विभिन्न ब्रांडों के तेल के नमूने संग्रहित कर प्रयोगशाला परीक्षण हेतु भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा प्रकरण तैयार कर अपर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जांच दल में तहसीलदार अजीत तिवारी, नायब तहसीलदार आशीष चतुर्वेदी, सहायक आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी यज्ञदत्त त्रिपाठी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवकी सोनवानी, ओ.पी. साहू, ब्रजेश विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।





