बीएलओ की ड्यूटी से मुक्त रखा जाए शिक्षकों को, अध्यापन कार्य हो रहा प्रभावित, अनूपपुर विधायक ने राज्य निर्वाचन आयोग को लिखा पत्र
कटनी, यश भारत। निर्वाचन संबंधी कार्य में शिक्षकों की डयूटी लगाए जाने से न केवल शिक्षक वर्ग परेशान है बल्कि स्कूलों में भी अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है। इसको लेकर अनूपपुर जिले की पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर बी.एल.ओ. एवं वर्ष भर चलने वाले निर्वाचन संबंधी कार्यों से प्रदेश भर के शिक्षकों को पूर्णतः मुक्त रखने के लिए पत्र लिखा है।
पत्र में कहा गया है कि जुलाई का महीना प्रारम्भ होते ही प्रदेश के स्कूलों में पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से संचालित होने लगता है। प्रदेश के शिक्षक पूरी ईमानदारी और निष्ठा से बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण में अपने दायित्वों का निर्वाहन करने में लग जाते हैं। किंतु निर्वाचन आयोग द्वारा हमारे अधिकांश शिक्षकों को बी.एल.ओ. अथवा निर्वाचन सम्बंधी अन्य कार्यों में नियुक्त कर दिया जाता है। जिसके कारण प्रदेश की शिक्षण व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव होता है। अनूपपुर, शहडोल, उमरिया एवं कटनी जैसे जिलों में यह स्थिती अत्यंत चिंता जनक है।
बी.एल.ओ. की नियुक्ति सम्बंधित आदेश में साफ-साफ लिखा होता है कि बी.एल.ओ. सम्बंधित समस्त कार्य अपने मूल विभागीय कार्य के अलावा अतिरिक्त समय पर करना है। जिसके कारण शिक्षकों को अपने मूल विभागीय कार्य और बी.एल.ओ. कार्य को मिलाकर लगभग 10-15 घन्टे तक कार्य करना पडता है। यहाँ तक कि बी.एल.ओ. से सम्बंधित अधिकांश मीटिंग अवकाश के दिनों में भी सम्पन्न. करायी जाती हैं। मूल विभागीय काम के अलावा निर्वाचन सम्बंधी अतिरिक्त काम होने से अथवा ये कहा जाये की काम की अधिकता होने के कारण हमारे शिक्षक ना तो बेहतर अध्यापन कार्य करा पा रहे और न ही अपने पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों का उचित निर्वाहन कर पा रहे हैं। क्योंकि हर इंसान की एक निश्चित समय तक कार्य करने की क्षमता होती है।
शिक्षकों पर जहाँ एक ओर बेहतर परिणाम लाने का मानशिक दबाव रहता है वहीं दूसरी ओर निर्वाचन सम्बंधी कार्यों का दबाव भी रहता है। ऐसी स्थिती में हमारे शिक्षक मानशिक एवं शारीरिक दोनों रूप से परेशान होते हैं। जिसके कारण आये दिन कुछ ना कुछ अप्रिय घटना घटित होती रहती हैं। प्रदेश के बच्चों के बहतर भविष्य निर्माण एवं शिक्षकों के निजी और पारिवारिक जीवन को द्रष्टीगत रखते हुए आपसे अनुरोध है की बी.एल.ओ. एवं निर्वाचन सम्बंधी अन्य कार्यों के लिये आप अपने विभागीय कर्मचारियों की नियुक्ति करते हुए बी.एल.ओ. एवं निर्वाचन सम्बंधी सम्पूर्ण कार्य सम्पन्न करावें एवं हमारे प्रदेश के शिक्षकों को इस कार्य से पूर्णतः प्रथक करने का कष्ट करें।कटनी, यश भारत। निर्वाचन संबंधी कार्य में शिक्षकों की डयूटी लगाए जाने से न केवल शिक्षक वर्ग परेशान है बल्कि स्कूलों में भी अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है। इसको लेकर अनूपपुर जिले की पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर बी.एल.ओ. एवं वर्ष भर चलने वाले निर्वाचन संबंधी कार्यों से प्रदेश भर के शिक्षकों को पूर्णतः मुक्त रखने के लिए पत्र लिखा है।
पत्र में कहा गया है कि जुलाई का महीना प्रारम्भ होते ही प्रदेश के स्कूलों में पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से संचालित होने लगता है। प्रदेश के शिक्षक पूरी ईमानदारी और निष्ठा से बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण में अपने दायित्वों का निर्वाहन करने में लग जाते हैं। किंतु निर्वाचन आयोग द्वारा हमारे अधिकांश शिक्षकों को बी.एल.ओ. अथवा निर्वाचन सम्बंधी अन्य कार्यों में नियुक्त कर दिया जाता है। जिसके कारण प्रदेश की शिक्षण व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव होता है। अनूपपुर, शहडोल, उमरिया एवं कटनी जैसे जिलों में यह स्थिती अत्यंत चिंता जनक है।
बी.एल.ओ. की नियुक्ति सम्बंधित आदेश में साफ-साफ लिखा होता है कि बी.एल.ओ. सम्बंधित समस्त कार्य अपने मूल विभागीय कार्य के अलावा अतिरिक्त समय पर करना है। जिसके कारण शिक्षकों को अपने मूल विभागीय कार्य और बी.एल.ओ. कार्य को मिलाकर लगभग 10-15 घन्टे तक कार्य करना पडता है। यहाँ तक कि बी.एल.ओ. से सम्बंधित अधिकांश मीटिंग अवकाश के दिनों में भी सम्पन्न. करायी जाती हैं। मूल विभागीय काम के अलावा निर्वाचन सम्बंधी अतिरिक्त काम होने से अथवा ये कहा जाये की काम की अधिकता होने के कारण हमारे शिक्षक ना तो बेहतर अध्यापन कार्य करा पा रहे और न ही अपने पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों का उचित निर्वाहन कर पा रहे हैं। क्योंकि हर इंसान की एक निश्चित समय तक कार्य करने की क्षमता होती है।
शिक्षकों पर जहाँ एक ओर बेहतर परिणाम लाने का मानशिक दबाव रहता है वहीं दूसरी ओर निर्वाचन सम्बंधी कार्यों का दबाव भी रहता है। ऐसी स्थिती में हमारे शिक्षक मानशिक एवं शारीरिक दोनों रूप से परेशान होते हैं। जिसके कारण आये दिन कुछ ना कुछ अप्रिय घटना घटित होती रहती हैं। प्रदेश के बच्चों के बहतर भविष्य निर्माण एवं शिक्षकों के निजी और पारिवारिक जीवन को द्रष्टीगत रखते हुए आपसे अनुरोध है की बी.एल.ओ. एवं निर्वाचन सम्बंधी अन्य कार्यों के लिये आप अपने विभागीय कर्मचारियों की नियुक्ति करते हुए बी.एल.ओ. एवं निर्वाचन सम्बंधी सम्पूर्ण कार्य सम्पन्न करावें एवं हमारे प्रदेश के शिक्षकों को इस कार्य से पूर्णतः प्रथक करने का कष्ट करें।







